Ravindra Singh Bhati: छात्र राजनीति से पेट्रोल कांड तक, जानिए कब-कब सुर्खियों में रहे शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी

बाड़मेर। राजस्थान की राजनीति में युवा चेहरे के रूप में उभरे शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी पिछले कुछ वर्षों में लगातार चर्चाओं में रहे हैं। छात्र राजनीति से लेकर विधानसभा चुनाव और जनआंदोलनों तक, रविंद्र सिंह भाटी कई बार अपने फैसलों, बयानों और आंदोलनों को लेकर सुर्खियों में आए। हाल ही में गिरल माइंस आंदोलन के दौरान बाड़मेर कलक्ट्रेट परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़कने की घटना के बाद एक बार फिर वह प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गए हैं। हालांकि यह पहला मौका नहीं है, जब रविन्द्र सिंह भाटी का नाम सुर्खियों में आया हो।

छात्रसंघ चुनाव से मिली पहचान

रविन्द्र सिंह भाटी पहली बार छात्र राजनीति के दौरान चर्चाओं में आए। उन्होंने जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज कर युवाओं के बीच मजबूत पहचान बनाई। उनकी जीत को छात्र राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया था।

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निर्दलीय चुनाव लड़कर बने विधायक

वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। बड़े राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के मुकाबले निर्दलीय जीत हासिल कर उन्होंने प्रदेश की राजनीति में अलग पहचान बनाई। उनकी जीत ने पूरे राजस्थान का ध्यान खींचा।

लोकसभा चुनाव 2024

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में रविन्द्रसिंह भाटी ने बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा संदेश दिया। नामांकन के दौरान उमड़ी भारी भीड़ और उनके समर्थन में निकले विशाल काफिलों ने सभी राजनीतिक दलों का ध्यान खींचा था। चुनाव प्रचार के दौरान उनकी सभाओं में बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण पहुंचे, जिसके कारण वे लगातार राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे।

एफआईआर को लेकर भी रहे सुर्खियों में

अप्रेल 2026 में सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी को लेकर उपजे विवाद ने भी रविन्द्र सिंह भाटी को चर्चाओं में ला दिया था। इस मामले में लोक गायक छोटू सिंह रावणा समेत अन्य लोगों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। विवाद के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच जमकर बहस देखने को मिली। मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बना रहा।

ओरण संरक्षण

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने ओरण के संरक्षण को लेकर बड़ा जनआंदोलन छेड़ा था। ओरण और गोचर हमारी केवल जमीन नहीं, हमारी पहचान और धरोहर हैं। इसे राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करना ही होगा। इसके बाद राजस्थान सरकार ने जैसलमेर जिले के विभिन्न गांवों में 3666.2139 हैक्टेयर भूमि ओरण के रूप में आरक्षित कर पारिस्थितिकी संतुलन मजबूत करने की कोशिश की थी।

कौन हैं रविंद्र सिंह भाटी

रविंद्र सिंह भाटी राजस्थान के बाड़मेर जिले के एक गांव दूधोड़ा से आते हैं। यह गांव भारत और पाकिस्तान के बॉर्ड से सटे शिव विधानसभा क्षेत्र में है। बता दें कि भाटी ने राजस्थानी भाषा में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। भाटी कई बार प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी व्यवस्थाओं पर खुलकर सवाल उठाते रहे हैं। जनसमस्याओं को लेकर अधिकारियों के खिलाफ उनका आक्रामक रुख कई बार चर्चा का विषय बना।