राजस्थान में चेन स्नैचिंग मामलों में जयपुर बना सबसे बड़ा ‘हॉटस्पॉट’, 32% बढ़े मामले

Rajasthan Snatching Cases: राजस्थान में चेन स्नैचिंग की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में ऐसे मामलों में बेतहाशा इजाफा हुआ है। वर्ष 2024 में चेन स्नैचिंग के 597 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 786 पहुंच गई। यानी एक वर्ष में करीब 32 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। वहीं वर्ष 2026 में केवल जनवरी माह तक ही 108 मामले सामने दर्ज चुके हैं।

राजस्थान विधानसभा में अंता विधायक प्रमोद जैन भाया के के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी गई है। पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार जयपुर (पूर्व) इलाका राजस्थान में स्नैचिंग का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। वर्ष 2024 में यहां 194 मामले और वर्ष 2025 में 107 मामले हुए। अजमेर, अलवर और कोटा शहर में भी घटनाएं बढ़ी है।

इन जिलों में राहत, अब भी अपेक्षाकृत सुरक्षित

दूसरी और राजस्थान में कई जिले ऐसे भी रहे, जहां वर्ष 2024 या 2025 में स्नैचिंग की घटनाएं शून्य या बेहद कम रहीं। इनमें बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, बूंदी और डीग प्रमुख हैं। इन जिलों को स्नैचिंग के लिहाज से अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा सकता है।

नए जिलों में भी फैल रहा अपराध

हालांकि कुछ जिलों में पहले मामले नहीं थे, लेकिन बाद में वृद्धि दर्ज हुई। जयपुर (दक्षिण) में 2024 में कोई मामला नहीं था, जबकि 2025 में 40 मामले दर्ज हुए। इसी तरह जोधपुर पूर्व में 0 से 6 और राजसमंद में 0 से 14 मामले पहुंच गए। इससे साफ है कि अपराध अब नए जिलों में भी फैलने लगा है।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई भी बेअसर

रिकवरी और कार्रवाई के आंकड़ों पर यदि नजर डालें तो पुलिस ने बड़ी संख्या में आरोपियों को पकड़ा है। वर्ष 2024 में दर्ज 597 मामलों में 459 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 278 मामलों में माल बरामदगी हुई। इसी अवधि में 276 मामलों में चालान पेश किए गए और केवल सात मामले लंबित रहे।

वहीं वर्ष 2025 में 786 मामलों के मुकाबले 710 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई तथा 362 मामलों में माल बरामद किया गया। पुलिस ने 377 मामलों में चालान पेश किए, जबकि 47 मामले लंबित रहे। वर्ष 2026 में जनवरी तक दर्ज 108 मामलों में 30 आरोपी पकड़े जा चुके हैं और 13 मामलों में माल बरामदगी हुई है।

सख्त सजा का प्रावधान नहीं, बढ़े अपराध

जानकारी के अनुसार प्रदेश में चेन स्नैचिंग मामलों में सख्त सजा का कानूनी प्रावधान नहीं होने से आरोपी जेल से छूटते ही फिर से अपराध में लिप्त हो रहे हैं। जयपुर शहर में चेन स्नैचिंग की वारदातों में लिप्त कई कुख्यात अपराधी जेल से छूटने के बाद खुलेआम घूमते हैं। बढ़ती वारदातों से आमजन में जहां खौफ का माहौल है वहीं अपराधी वारदात के नए हथकंडे आजमाने में भी पीछे नहीं हैं।