कोटा। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के आह्वान पर सोमवार को प्रदेशभर से हजारों की संख्या में शिक्षक शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी पहुंचे। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की ओर से जारी शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 में विद्यालयी अवकाशों में की गई कटौती का विरोध जताया। शिक्षकों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नाराजगी प्रकट की और विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। रैली गोरधनपुरा माताजी से शुरू हुई। इसमें शामिल महिला और पुरुष शिक्षक हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे।
जमकर की नारेबाजी
शिक्षकों ने यहां जमकर नारेबाजी की। इसके बाद रैली अदालत परिसर पहुंची, जहां मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम उप जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। संघ के आह्वान पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे शिक्षकों का समूह गोरधनपुरा माताजी से अदालत परिसर तक पैदल पहुंचा। शिक्षकों ने करीब चार से पांच किलोमीटर का सफर दो से ढाई घंटे में पूरा किया। तेज गर्मी के चलते शिक्षकों ने सिर और मुंह पर साफी बांध रखी थी। प्रदर्शन के दौरान जगह-जगह पुलिस बल भी तैनात रहा।
तीन हजार शिक्षकों ने प्रदर्शन में भाग लिया
संगठन के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि करीब तीन हजार शिक्षकों ने प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदर्शन के बाद रैली सभा में तब्दील हो गई। भीषण गर्मी के बावजूद सड़कों पर उतरे शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर विरोध जताया।
सभा को संगठन के मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा, सभाध्यक्ष ललित आर पाटीदार, प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा, मुख्य महामंत्री एवं संघर्ष समिति संयोजक उम्मेद सिंह डूडी, महामंत्री रामदयाल मीणा, महिला अध्यक्ष मीना मंसूरिया और संस्कृत शिक्षा अध्यक्ष बनवारी लाल सैनी समेत कई शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया। मंच संचालन मुकेश हाटवाल ने किया।
प्रमुख मांगे
राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग के अव्यावहारिक आदेश वापस लिए जाएं।
विद्यालय भवनों की ग्रीष्मावकाश में सार्वजनिक निर्माण विभाग से जांच कराई जाए।
सातवें वेतनमान में व्याप्त विसंगतियां दूर की जाएं।
तृतीय श्रेणी अध्यापकों का ग्रेड पे 4200 तथा वरिष्ठ अध्यापकों का 4800 रुपए किया जाए।
शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए स्थायी और पारदर्शी नीति लागू की जाए।
पुरानी पेंशन योजना को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।
एनपीएस में जमा राशि को जीपीएफ खातों में स्थानांतरित किया जाए।