नीमराणा थाना में रोडवाल टोल प्लाजा पर शुक्रवार रात को हुई तोड़फोड़ की घटना का वीडियो सामने आया है। टोल मैनेजर भागीरथ ने बताया कि रोडवाल गांव का रहने वाला बदमाश मोनू यादव उर्फ शूटर करीब 10 दिन पहले टोल पर आया था। उसने धमकी दी थी कि अगर यहां टोल प्लाजा चलाना है, तो उसे हर महीने बंधा-बंधाया पैसा (मंथली) देना होगा, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। टोल प्रबंधन ने जब पैसे देने से इनकार कर दिया, तो शुक्रवार रात मोनू शूटर एक बोलेरो और एक वरना गाड़ी में अपने साथियों के साथ आया। गाड़ियों से उतरते ही बदमाशों ने शीशे के बने टोल बूथों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और वहां लगे सारे कीमती उपकरण तोड़ डाले।
कर्मचारी पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश
हमले के दौरान टोल कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई। जब एक जांबाज कर्मचारी ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की, तो उन्होंने उस पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया, जिससे उसके सिर और हाथ में चोटें आईं। वारदात के बाद अफरा-तफरी मच गई और बदमाश अपनी वरना गाड़ी मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। सूचना के बाद नीमराणा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी को जब्त कर लिया। अगले दिन सुबह थानाधिकारी राजेश मीणा ने पुलिस बल के साथ आकर सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया, जिसमें बदमाश साफ तौर पर तोड़फोड़ करते दिख रहे हैं। पुलिस अब मोनू शूटर और उसके गैंग की तलाश कर रही है।
500 मीटर दूर पुलिस चौकी पर 8 महीने से लटक रहा ताला
इस पूरी घटना ने पुलिस प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है। टोल प्लाजा से महज 500 मीटर की दूरी पर माजरीकलां पुलिस चौकी है। लेकिन पिछली दीपावली पर यहां का स्टाफ ड्यूटी के लिए नीमराणा गया, तो आज तक लौटकर नहीं आया। पिछले 8 महीनों से इस चौकी पर ताला लटक रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह चौकी चालू होती, तो बदमाशों में खौफ होता और यह वारदात न होती।
12 दिन में तीसरी वारदात, सुरक्षा की मांग
बता दें कि रोडवाल टोल प्लाजा बीते 4 मई को ही शुरू हुआ था। इसे खुले अभी केवल 12 दिन ही हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में यहां विवाद की यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले लोकल गाड़ियों को छूट देने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना और निजी बस संचालकों का चक्का जाम भी हो चुका है। लगातार हो रहे इन झगड़ों से अब राहगीरों और वाहन चालकों में भी डर का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां तुरंत पुलिस का पहरा लगाया जाए और बंद पड़ी चौकी को दोबारा शुरू किया जाए।