महंगे टैंकरों के सहारे गुजर रहा जीवन, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी फूटा गुस्सा
जयपुर. ‘कब तक टैंकरों के भरोसे जिंदगी चलाएं?, दो साल पहले यहां पानी की लाइनें डाली गई थीं, तब मन में उम्मीद जगी थी कि पानी नसीब होगा, लेकिन आज तक नलों में एक बूंद पानी नहीं आया। लोग मजबूरी में मनमाने दाम देकर टैंकर मंगवा रहे हैं।’ यह पीड़ा शुक्रवार को नाई की थड़ी स्थित एम के विहार कॉलोनी में आयोजित पत्रिका की “मोहल्ला मीटिंग” में सामने आई।
बैठक में नाई की थड़ी विकास समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने पेयजल, सफाई, सड़क, ड्रेनेज और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
विकास समिति सचिव फरहत अली ने कहा कि मॉर्डन कॉलोनी और गोल्डन सिटी सहित आसपास के इलाकों में नियमित सफाई नहीं होती। कई दिनों तक कचरा पड़ा रहता है, जिससे बदबू और गंदगी फैलती है। आनंदीलाल जोलिया ने कहा कि पुलिस पेट्रोलिंग नहीं होने से क्षेत्र में चोरी और असामाजिक गतिविधियों का डर बना रहता है। अनवर अली ने कहा कि 60 फीट रोड पर ड्रेनेज सिस्टम बदहाल है। बारिश में सड़क तालाब बन जाती है और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।
25 साल बाद भी कच्ची सड़कें
क्षेत्र की कई कॉलोनियां 20 से 25 साल पुरानी हो चुकी हैं, लेकिन आज भी सड़कें कच्ची और टूटी हुई हैं। बारिश में कीचड़ और गड्ढों के कारण बुजुर्गों और बच्चों का चलना तक मुश्किल हो जाता है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाकर थक गए हैं।
डॉ. परवेज पैकर
अंधेरी गलियां बन रहीं डर का माहौल
मजहर बैग और यामीन खान ने बताया कि अधिकांश गलियों में स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं, और जहां हैं वहां बंद पड़ी हैं। रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे लोगों में भय का माहौल रहता है। स्थानीय लोगों ने स्ट्रीट लाइटें लगाने की पुरजोर मांग की।
–अंतिम छोर पर समस्या
नाई की थड़ी क्षेत्र में पानी की सप्लाई लगातार की जा रही है। कुछ कॉलोनियों में गर्मी के दौर में अंतिम छोर पर कम प्रेशर से सप्लाई की समस्या हो सकती है। सोमवार को मौके पर इंजीनियरों को भेज प्रेशर चेक करवाया जाएगा।
जेएसडी कटारा, अधिशासी अभियंता
जलदाय विभाग
क्या आपके मोहल्ले में भी कोई मुद्दा है?
यदि हां तो मेल आईडी jaipur@in.patrika.com पर अपनी समस्या हमें भेजें। अगली मीटिंग आपके मोहल्ले में होगी। हम आपकी बात जिम्मेदारों तक पहुंचाएंगे।