जयपुर: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल गिरोहों का ऐसा जाल सामने आया, जिसने सरकारी भर्ती व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। शिक्षक भर्ती से लेकर पुलिस, पटवारी, वन रक्षक और सब इंस्पेक्टर भर्ती तक कई परीक्षाएं पेपर लीक की भेंट चढ़ीं। पिछले पांच वर्षों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने करीब 700 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें 400 अभ्यर्थी और 300 परिवार के सदस्य और गिरोह से जुड़े लोग शामिल हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इन गिरोहों ने अभ्यर्थियों से लाखों रुपए तक वसूले। कई मामलों में परीक्षा से पहले ही होटल, फार्महाउस और बसों में पेपर रटवाया गया, तो कहीं ब्लूटूथ डिवाइस और डमी अभ्यर्थियों का इस्तेमाल हुआ।
वन रक्षक भर्ती परीक्षा 2020
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 2,646 रिक्तियों के लिए भर्ती।
एक पारी का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल।
परीक्षा रद्द परीक्षा 11 दिसंबर 2022 को दोबारा कराई गई, 39 लोग गिरफ्तार हुए।
डमी कैंडिडेट, दलाल और परीक्षा केंद्रों से जुड़े लोग शामिल थे।
गिरोह राजस्थान के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला था।
प्रति अभ्यर्थी 8 से 10 लाख रुपए वसूले गए।
पेपर खिलान सिंह और जबराराम जाट ने लीक किया था।
पटवारी भर्ती परीक्षा 2021
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 23 और 24 अक्टूबर 2021 को परीक्षा।
10 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल।
5,378 पदों के लिए परीक्षा।
ब्लूटूथ डिवाइस और माइक्रो ईयरफोन के जरिए नकल कराने वाला नेटवर्क पकड़ा गया।
32 आरोपी गिरफ्तार।
गिरोह अभ्यर्थियों से 6 से 12 लाख तक वसूलता था।
मास्टरमाइंड हर्षवर्धन मीणा को नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया।
रीट लेवल 2 भर्ती परीक्षा 2021
26 सितंबर 2021 को हुई परीक्षा से पहले शिक्षा संकुल के स्ट्रॉन्ग रूम से लीक।
1.25 करोड़ में डील, 4 महीने बाद परीक्षा रद्द।
चप्पल में ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल, दिल्ली के इंजीनियर ने 42 हजार में चप्पल बनाई, 6 लाख में बेची, 97 से अधिक आरोपी गिरफ्तार।
शिक्षा विभाग के कर्मचारी, दलाल, पेपर सॉल्वर और कोचिंग संचालक शामिल।
सरकार को रीट लेवल-2 परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
मुख्य आरोपी निजी स्कूल संचालक रामकृपाल मीणा और बत्ती लाल मीणा सहित कई लोग इसमें शामिल रहे।
एसआई संयुक्त भर्ती परीक्षा 2021
आरपीएससी की यह भर्ती परीक्षा प्रदेश का सबसे बड़ा पेपर लीक घोटाला।
130 से ज्यादा गिरफ्तारियां, 50 ट्रेनी बर्खास्त, परीक्षा निरस्त 64 ट्रेनी एसआई, दलाल, डमी अभ्यर्थी और सॉल्वर गैंग के सदस्य।
प्रति अभ्यर्थी 20 से 50 लाख रुपए तक लिए गए।
पेपर जयपुर हसनपुरा के शांति नगर स्थित रविन्द्र बाल भारती सीनियर सेकंडरी स्कूल से लीक हुआ।
मास्टरमाइंड जगदीश विश्नोई और उसके गिरोह ने पेपर लीक किया।
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2021
मई 2022 में दूसरी पारी का पेपर लीक, पेपर रद्द, दोबारा परीक्षा 45 से अधिक आरोपी गिरफ्तार। स्कूल प्रिंसिपल, पुलिस कर्मी, परीक्षा स्टॉफ और दलाल शामिल थे।
मास्टरमाइंड मोहन उर्फ छोटूराम दिल्ली से गिरफ्तार।
परीक्षा रद्द होने से करीब 18 लाख अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी।
चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा 2021
पहले ऑनलाइन, फिर ऑफलाइन करानी पड़ी।
वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा 2022
सामान्य ज्ञान का पेपर लीक।
परीक्षा रद्द चलती बस में 45 अभ्यर्थियों को आंसर पढ़ाए गए।
45 अभ्यर्थी और दलाल पकड़े।
हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती 2022
मार्च 2022 में पेपर लीक, परीक्षा रद्द।
स्पेन से 90,000 कैमरा मंगाया, फोटो सॉल्वर को भेजे।
सीएचओ भर्ती परीक्षा 2022
19 फरवरी 2023 को हुई, पेपर वायरल परीक्षा रद्द कर मार्च 2024 में दोबारा हुई।
बिजली विभाग तकनीकी हेल्पर भर्ती परीक्षा 2022
छह केंद्रों पर परीक्षा रद्द।
अधिशासी और राजस्व अधिकारी भर्ती 2022
14 मई 2022 को हुई परीक्षा में फर्जीवाड़ा।
दोबारा परीक्षा पौरव कालेर गैंग ने 3-5 लाख में रियल-टाइम आंसर करवाए।
सख्त सजा का प्रावधान
फरवरी 2024 में राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम संशोधन अधिनियम 2024 पास किया। ये पुराने 2022 वाले कानून से काफी सख्त है।
10 साल आजीवन कारावास, 10 लाख से 10 करोड़ रुपए जुर्माना
नकल करने वाला अभ्यर्थी को अब 1 से 3 साल जेल।
एक लाख रुपए जुर्माने के साथ सभी परीक्षाओं में 2 साल तक डिबार।
डमी कैंडिडेट बैठाने पर 5 से 10 साल जेल और 10 लाख रुपए जुर्माना।
नकल या लीक में अधिकारी, कर्मचारी की मिलीभगत होने पर 10 साल जेल से आजीवन कारावास तक सजा संपत्ति कुर्क।
कानून में यह है खास
संपत्ति कुर्कीः पेपर लीक से बनाई संपत्ति सरकार जब्त करेगी।
संगठित अपराधः पेपर लीक करना संगठित अपराध है। गैंग का सरगना मुख्य आरोपी माना जाएगा, भले ही खुद पेपर न बेचा हो।
जांच एसओजी करेगीः ऐसे केस सिर्फ एसओजी, एटीएस जांचेगी, स्थानीय पुलिस नहीं।
परीक्षा केंद्र की जिम्मेदारीः किसी सेंटर से पेपर लीक हुआ तो सेंटर अधीक्षक, प्रिंसिपल दोषी। 5 साल तक केंद्र नहीं मिलेगा।
अभ्यर्थी पर असरः नकल करते पकड़े गए तो 2 साल के भर्तियों से डिबार। दूसरी बार पकड़े गए तो हमेशा के लिए बैन।
सूचना छिपाने वाले को भी सजा।
कमजोरियों का फायदा उठा रहे संगठित गिरोह
राजस्थान समेत देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने भर्ती परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात यह है कि प्रश्न पत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और केंद्र पर सील खुलने से पहले तक कई स्तरों पर पेपर लीक होने की आशंका बनी रहती है।
पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में सामने आए पेपर लीक मामलों ने साबित किया है कि सिस्टम की लगभग हर कड़ी कमजोर है और संगठित गिरोह इन कमजोरियों का फायदा उठा रहे हैं।
वरिष्ठ अध्यापक भर्ती, शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक मामलों ने यह साफ कर दिया है कि केवल कड़ी कार्रवाई की घोषणा काफी नहीं है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट और परीक्षा केन्द्र तक पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित और जवाबदेह नहीं बनाया जाएगा, तब तक पेपर लीक पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल रहेगा।
गोपनीय प्रक्रिया कई चरणों में
विशेषज्ञों के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं की गोपनीय प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है, लेकिन सुरक्षा में थोड़ी सी चूक भी लाखों युवाओं के भविष्य पर भारी पड़ जाती है। कहीं भर्ती एजेंसी के भीतर से गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचती है तो कहीं ट्रांसपोर्टेशन और ट्रेजरी सिस्टम में सेंध लग जाती है। कई मामलों में परीक्षा केंद्र तक पेपर पहुंचने के बाद भी लीक की घटनाएं सामने आई हैं।
साल 2020 से 2024 में ही 14 पेपर लीक
राजस्थान पेपर लीक में देश में सबसे आगे है। 2011 से 2024 में 26 केस दर्ज हुए। 14 केस वर्ष 2020 से 2024 के हैं। 2025-26 में प्रदेश में पेपर लीक का मामला दर्ज नहीं।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पांच साल में पेपर लीक मामलों में 700 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 400 अभ्यर्थी और परिवार व गिरोह से जुड़े लोग शामिल हैं।
-विशाल बंसल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एसओजी-विशाल बंसल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एसओजी