श्रमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, 113 आरडी की घटना

मोहनगढ़. क्षेत्र में सीमा सड़क संगठन में कार्यरत एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान रघुनंदनसिंह उरांव पुत्र बेदराम उरांव (34) निवासी 72 धोराभाटा, छत्तीसगढ़ हाल निवासी 113 आरडी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार रघुनंदनसिंह उरांव सीमा सड़क संगठन (ग्रेफ) में मजदूरी का कार्य करता था। मंगलवार को उसने आधे दिन तक मजदूरी की थी। रात को भोजन के बाद वह सो गया, लेकिन देर रात करीब 3:30 बजे जगाने पर भी नहीं उठा। घटना की सूचना पीटीएम पुलिस थाना को दी गई। थाना अधिकारी प्रेमाराम के निर्देश पर एएसआइ उगमाराम मौके पर पहुंचे और युवक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्ताना लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को मोहनगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम करवाने के बाद आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी कर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

चिंकारा शिकार: फील्ड रेंज से मुख्य सरगना गिरफ्तार, हथियार बरामद

जैसलमेर जिले में आर्मी के प्रतिबंधित फील्ड गोलीबारी रेंज पोकरण में मार्च 2026 तथा फरवरी 2024 में हुए चिंकारा शिकार प्रकरणों के मुख्य सरगना किशननाथ पुत्र रुमालनाथ जोगी निवासी बिलीया, पोकरण को वन विभाग की विशेष टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने बताया कि विगत 9 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेंज छायण स्थित आर्मी प्रतिबंधित फील्ड गोलीबारी रेंज पोकरण में मावा गांव के पास चिंकारों का शिकार किया गया है। वन विभाग टीम ने मौके से सात मृत चिंकारों के अवशेष अभिग्रहीत कर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संभागीय मुख्य वन संरक्षक जोधपुर अनूप के. आर. एवं वन संरक्षक जैसलमेर कुमार शुभम के निर्देशन में एसीएफ पोकरण चंद्रशेखर कौशिक व रेंज छायण के क्षेत्रीय वन अधिकारी लक्ष्मण स्वामी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने पूर्व में तीन शिकारियों नराराम, मोहनराम व मुनाराम को 10 अप्रेल को गिरफ्तार किया था।

इसके बाद चिंकारा माँस खरीदने व आगे सप्लाई करने वाले आरोप लगाने वाला दीपाराम को 30 अप्रेल तथा डालाराम को 6 मई को गिरफ्तार किया गया। फरवरी 2024 के चिंकारा शिकार प्रकरण में आरोप लगाने वाला राहुल उर्फ रावलराम भील भी गिरफ्तार किया गया था। वन विभाग की विशेष टीम ने गत 10 मई को मुख्य सरगना किशननाथ जोगी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर शिकार में उपयोग की गई बंदूक, मोटर साइकिल, चाकू, टार्च एवं रस्सी बरामद किए गए। किशननाथ जोगी की जानकारी पर अब तक 9 चिंकारों के अवशेष, जिनमें खोपड़ी, सींग, खाल तथा हड्डियां शामिल हैं, बरामद किए गए हैं। चिंकारा शिकार प्रकरण में अब तक कुल सात आरोप लगाने वाला गिरफ्तार किए जा चुके हैं और फरार अन्य आरोपियों की तशव जारी है। इस अनुसंधान व गिरफ्तारी में रेंज छायण के वनपाल झमकु, सहायक वनपाल जगदीश मेहडू, वनरक्षक रामकिशोर जाखड, अशोक रतनू, कविता स्वामी, मूलसिंह जोधा, मोहम्मद रमजान सहित अन्य वन कार्मिकों का विशेष सहयोग रहा।