Bundi : श्रमदान से दस साल बाद निखरा बावड़ी का स्वरूप

कापरेन. राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान के तहत मंगलवार को शहर के बीच स्थित देव नारायणजी की बावड़ी में श्रमदान कर साफ सफाई की। वहीं समाजसेवी लोगों ने स्वेच्छा से अभियान से जुडक़र बावड़ी में जमा वर्षों पुराना मलबा, कीचड़, पत्थर आदि बाहर निकाला। भाजपा ओबीसी मण्डल अध्यक्ष बलराम राठौर के नेतृत्व में सुबह आठ बजे भाजपा कार्यकर्ता एवं समाजसेवी लोग बावड़ी पर एकत्रित हुए और डीजल इंजन लगाकर बावड़ी में भरा गंदा पानी बाहर निकाला।

पूर्व मण्डल अध्यक्ष लोकेश बागड़ा, पूर्व जिला उपाध्यक्ष तेज नारायण दुबे, बलराम राठौड़, मण्डल अध्यक्ष हेमन्त पंचोली, शिवशंकर उपाध्याय, साहूकार मेघवाल, महेंद्र पोटर, निरंजन वैष्णव, रविकांत मेघवाल आदि ने बावड़ी में डीजल इंजन उतारकर पानी बाहर निकाला और तगारी, पावडा, झाड़ू आदि से सफाई कार्य किया। बावड़ी का पानी निकलने पर समाजसेवियों ने मानव शृंखला बनाते हुए बावड़ी की सीढिय़ों पर जमा पेड़ के पते, कीचड़ तगारियो में भरकर बाहर निकाला। तेज धूप व गर्मी के दौरान सीढिय़ों में जमा कचरा, कीचड़, गन्दगी बाहर निकाली। इस दौरान आसपास के बुजुर्गों ने भी अपना योगदान कर बावड़ी में सफाई करने वाले लोगो के लिए ठंडे पानी और चाय आदि की व्यवस्था में सहयोग किया। सफाई अभियान लगातार ग्यारह बजे तक चला।

इसके बाद फिर डीजल इंजन लगाकर बावड़ी में गहराई तक का पानी बाहर निकाला गया और खाली होने पर विनोद मीणा, पप्पू लाल मेघवाल, अशोक चौरसिया, बद्री पचेरवाल, महेश प्रजापत, मनोज ङ्क्षसह, सुरेश प्रजापत, बृज गोपाल, महावीर, गोपाल लाल आदि ने नीचे उतरकर बावड़ी में जमा मलबा बाहर निकाला। सफाई अभियान दोपहर दो बजे तक चला। साथ ही नगरपालिका की कचरा गाड़ी में भरकर कचरे का निस्तारण करवाया। बावड़ी की इस प्रकार सफाई करीब दस साल पहले हुई थी। प्राचीन बावड़ी को गणेशजी की बावड़ी के नाम से भी जाना जाता है। मौके पर ही समाजसेवी लोगों ने जनसहयोग से बावड़ी पर लोहे की जाली लगाकर ढकवाने का निर्णय लिया गया।

श्रमवीरों ने संवारी बावड़ी
बरून्धन.
राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान के तहत मंगलवार को क्षेत्र के भरता बावड़ी गांव में स्थित सगस महाराज की ऐतिहासिक बावड़ी पर श्रमदान एवं सफाई अभियान चलाया गया। अभियान में क्षेत्र के समाजसेवियों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बावड़ी की सफाई कर जल स्रोत संरक्षण का संदेश दिया। अभियान के दौरान श्रमवीरों ने फावड़ों की सहायता से बावड़ी की सीढिय़ों पर उगी झाडिय़ां एवं दीवारों के आसपास फैले बबूल काटकर साफ किए। साथ ही सीढिय़ों पर झाड़ू लगाकर उन्हें व्यवस्थित किया गया।

बावड़ी में फैले कचरे और पानी में तैर रहे कचरे को डंडों की सहायता से बाहर निकालने का प्रयास भी किया गया।अभियान में मौजूद लोगों ने कहा कि बावडिय़ां हमारी सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ-साथ जल संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। ऐसे में इनके संरक्षण और नियमित साफ-सफाई के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। इस दौरान सहकारी समिति उपाध्यक्ष धनराज मीणा, हंसराज मेघवाल, रमेश चंद, नंदाराम गुर्जर, मनीष मीणा, लखपत मीणा, मुकेश मीणा, रामनिवास गुर्जर, ओम प्रकाश, प्रमोद कुमार, सुखदेव मीणा, नंदकिशोर मीणा, फोरूलाल मीणा, फूलचंद मीणा, गजेन्द्र मीणा ने श्रमदान किया।