Sikar: सड़क हादसे में BSF जवान की दर्दनाक मौत, भात से पहले उठी भाई की अर्थी, शादी वाले घर में पसरा मातम

खाटूश्यामजी। जिस घर के आंगन में बहन की बच्चियों के विवाह गीत गूंजने थे, वहां बुधवार को अचानक चीख-पुकार और मातम छा गया। परिवार भात कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि खुशियों से सजा घर कुछ ही घंटों में जवान बेटे की अर्थी उठने का गवाह बनेगा। मगनपुरा गांव में मंगलवार देर रात हुए सड़क हादसे में चैनपुरा निवासी बीएसएफ जवान वरुण बुरानिया (36) पुत्र बिरदूचंद की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।

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ननिहाल से वापस चैनपुरा लौट रहे थे

वरुण बुरानिया बीएसएफ में श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में मैकेनिक ट्रेड में कॉन्स्टेबल पद पर तैनात थे। वह बहन की बच्चियों के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। बुधवार को परिवार में भात कार्यक्रम होना था। देर रात वे अपनी साढ़े तीन साल की बेटी आध्या को लेकर रामजीपुरा स्थित ननिहाल से वापस चैनपुरा लौट रहे थे।

अनियंत्रित हुई थी कार

इसी दौरान पीछे से आए एक वाहन की टक्कर के बाद उनकी बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि वरुण ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को खाटूश्यामजी उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल छा गया।

सैन्य सम्मान से दी अंतिम विदाई

अस्पताल परिसर उस समय गमगीन हो उठा, जब बीएसएफ की टुकड़ी ने साथी जवान को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अस्पताल से पैतृक गांव चैनपुरा तक अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। चैनपुरा में वरुण बुरानिया का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अंतिम विदाई के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में पूरे दिन शोक का माहौल बना रहा।

हादसे में बची मासूम

हादसे में जवान की मासूम बेटी आध्या सुरक्षित बच गई, लेकिन उसकी आंखों के सामने पिता की मौत हो गई। घटना के बाद मां अपने बेटे के पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखती नजर आई। वरुण बुरानिया का विवाह वर्ष 2016 में हुआ था। परिवार में पत्नी, साढ़े तीन साल की एकलौती बेटी, बड़ा भाई और किसान पिता हैं। जवान की असमय मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।