हनुमानगढ़। जिले के संगरिया शहर स्थित पुरानी धान मंडी में मंगलवार दोपहर अचानक लगी आग से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि मंडी क्षेत्र धुएं से भर गया और व्यापारियों में हड़कंप मच गया। इस हादसे में गेहूं की कई बोरियां जलकर राख हो गईं, जबकि एक रजाई-कद्दा दुकान के सामान को भी नुकसान पहुंचा। घटना ने शहर की दमकल व्यवस्था की पोल भी खोल दी, क्योंकि नगरपालिका की फायर ब्रिगेड खराब होने के कारण मौके पर नहीं पहुंच सकी।
जानकारी के अनुसार आग दक्षिण दरवाजा क्षेत्र में स्थित एक रजाई प्रेस दुकान के पास शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुकान के पास पड़े कचरे में अचानक चिंगारी उठी, जिसने देखते ही देखते आग का रूप ले लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली और पास में रखे गेहूं के चट्टों व बारदाने तक पहुंच गई। मंडी में बड़ी मात्रा में कृषि उपज रखी होने से व्यापारी और मजदूर घबरा गए। लोग अपनी-अपनी बोरियां और सामान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए।
संगरिया नहर के पास आग बुझाते हुए दकमलकर्मी।
गेहूं की बोरियां जली
आगजनी की इस घटना में करीब 20 से 25 गेहूं की बोरियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं। वहीं पास स्थित रजाई और गद्दों की दुकान का सामान भी आग की चपेट में आ गया। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था, क्योंकि इन दिनों मंडी में गेहूं की आवक अधिक है और बड़ी मात्रा में उपज व बारदाना रखा हुआ है।
दमकल व्यवस्था फेल
घटना के दौरान नगरपालिका की दमकल व्यवस्था सवालों के घेरे में रही। आग लगने की सूचना मिलते ही लोगों ने नगरपालिका की फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन दमकल वाहन खराब होने के कारण मौके पर नहीं पहुंच सका। बाद में एक निजी कंपनी की दमकल टीम घटनास्थल पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
रेलवे लाइन के किनारे भी लगी आग
इसी दौरान धनवंतरी गोशाला के पास नहरी विभाग की जमीन और रेलवे लाइन के समीप सूखी झाड़ियों में भी आग लग गई। दमकल कर्मियों ने पहले मंडी क्षेत्र की आग बुझाई, ताकि आबादी वाले इलाके को सुरक्षित किया जा सके। इसके बाद दूसरी जगह पहुंचकर झाड़ियों में लगी आग पर भी नियंत्रण पाया गया। घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने नगरपालिका की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताई।