Barmer Crime News: बाड़मेर जिले के महिला थाने में दर्ज नाबालिग के साथ बलात्कार के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़ित पक्ष ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग उठाई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामला दर्ज होने के एक महीने बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
पीड़िता की मां ने महिला थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उसकी बेटी स्कूल के दौरान एक शिक्षक के पास ट्यूशन जाती थी। आरोप है कि शिक्षक ने भरोसे का फायदा उठाते हुए जूस में बेहोशी की दवा मिलाकर बलात्कार किया और वीडियो बना लिए।
बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहा।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने 15 लाख रुपए की मांग की, जिस पर छात्रा ने अपनी मां के गहने भी उसे दे दिए। महिला थाने में आरोपी संजय भंसाली के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई।
पुलिस ने पकड़कर छोड़ा
पीड़िता पक्ष ने आरोप लगाया कि शनिवार रात आरोपी को पकड़कर कोतवाली थाना पुलिस को सौंपा गया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महीने से पुलिस थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
जिसके खिलाफ प्रकरण दर्ज है, उसने पीड़िता की बड़ी बहन से लव मैरिज कर ली है और उच्च न्यायालय से प्रोटेक्शन ले रखा है। महिला थाने में दर्ज प्रकरण में जांच चल रही है। निष्पक्ष जांच करेंगे।
-देवीचंद ढाका, थानाधिकारी, महिला थाना
महिला से 6.62 लाख की ठगी, बिजनेस पार्टनर बनाने का झांसा देकर हड़पे रुपए
बाड़मेर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला पीटीआई से बिजनेस में पार्टनर बनाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सहाड़ा हाल राजीव नगर बाड़मेर निवासी सीमा जाट ने रिपोर्ट देकर बताया कि वह राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सियोलों की ढाणी गालावेरी में पीटीआई के पद पर कार्यरत है। उसके पड़ोस में रहने वाली नेनु देवी ने उससे नजदीकियां बढ़ाकर उसे उदाराम जाट से मिलवाया। दोनों ने खुद को बिजनेस पार्टनर बताते हुए महिला को व्यापार में शामिल होने का लालच दिया।
रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों ने शुरुआत में बिजनेस फीस के नाम पर अलग-अलग तारीखों में फोन-पे के जरिए 2 लाख 2 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए। इसके बाद आईडी मजबूत करने और अधिक मुनाफे का झांसा देकर 85 हजार रुपए नकद लिए। वहीं, बाद में बिजनेस पार्टनर बनाने और अधिक लाभ दिलाने का भरोसा देकर महिला के भाइयों से भी करीब 3 लाख 75 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने लंबे समय तक कोरोना और बिजनेस बंद होने का बहाना बनाकर टालमटोल की। बाद में रुपए मांगने पर साफ मना कर दिया और पुलिस में पहचान होने की धमकी भी दी।
महिला ने आरोप लगाया कि दोनों ने षड्यंत्रपूर्वक करीब 6 लाख 62 हजार रुपए हड़प लिए। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी उदाराम और नेनु देवी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।