Jaipur Airport Job Fraud: राजधानी जयपुर में बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठगी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जयपुर एयरपोर्ट थाना पुलिस ने एक ऐसी शातिर महिला को गिरफ्तार किया है, जो युवाओं को एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठग रही थी।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला मोबाइल एप का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान पत्र और एंट्री पास तैयार करती थी, ताकि पीड़ितों को उसकी बातों पर यकीन हो जाए।
मोबाइल एप से बनाती थी फर्जी दस्तावेज
डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया, गिरफ्तार आरोपी महिला की पहचान किरण सैनी (27) के रूप में हुई है। किरण मूल रूप से झुंझुनूं जिले के पिलानी की रहने वाली है और वर्तमान में जयपुर के जगतपुरा इलाके में रह रही थी।
जांच में पता चला कि किरण पहले जयपुर एयरपोर्ट पर ‘एआइएएसएल’ नाम की ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी में काम कर चुकी थी। इसी अनुभव और जानकारी का फायदा उठाकर उसने ठगी का जाल बुना।
थानाधिकारी रूपनारायण यादव के अनुसार, किरण मोबाइल में मौजूद एडिटिंग एप के जरिए पुरानी कंपनी के आईडी कार्ड्स को एडिट करती थी और उनके रंगीन प्रिंटआउट निकालकर फर्जी कार्ड तैयार करती थी। वह बेरोजगार युवाओं को विश्वास दिलाती थी कि उसकी पहुंच ऊपर तक है और वह उन्हें एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टॉफ या अन्य पदों पर नौकरी दिलवा सकती है।
लाखों की ठगी और बरामदगी
पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें चार लोगों के पूरी तरह तैयार फर्जी आईडी कार्ड, लगभग 30 युवाओं के आधार कार्ड और कई आवेदन फॉर्म शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला अब तक तीन से अधिक लोगों से नौकरी के नाम पर 9 से 10 लाख रुपए की ठगी कर चुकी है। वह एक अभ्यर्थी से नौकरी लगवाने के बदले लाखों रुपए की मांग करती थी।
पुलिस रिमांड में खुलेगा नेटवर्क
इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब 8 मई को जयपुर एयरपोर्ट पर फर्जी एंट्री कार्ड और नौकरी के नाम पर हुई वसूली की शिकायत पुलिस तक पहुंची। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने किरण सैनी को धर दबोचा। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जो युवाओं को फंसाने के लिए ‘एजेंट’ के रूप में काम कर रहे थे। फिलहाल, पुलिस महिला के मोबाइल डेटा और बैंक खातों की जांच कर रही है, ताकि ठगी के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।