Rajasthan Politics : जयपुर/नई दिल्ली। पांच राज्यों के चुनाव पूरे होने के साथ ही केंद्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी रविवार को यहां भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही विभिन्न बोर्ड, आयोग, प्राधिकरण, अकादमियों में नियुक्तियों के साथ ही आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। प्रदेश में पंचायती राज व स्थानीय निकाय के चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कुछ नियुक्तियों के लिए हरी झंडी मिल गई है और जल्द ही इसका सिलसिला शुरू हो सकता है।
केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात
सीएम भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील से भी मुलाकात की। इस अवसर पर राजस्थान में ‘जल जीवन मिशन’ की प्रगति, राम जल सेतु लिंक परियोजना (ईआरसीपी) और यमुना जल समझौते सहित राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण सिंचाई व पेयजल परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई। वहीं केन्द्रीय शहरी विकास एवं आवासन व ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से भी मुलाकात हुई। इस दौरान प्रदेश में विद्युत वितरण तंत्र, अमृत 2.0 व अर्बन चैलेंज फंड के साथ ही जयपुर मेट्रो फेज 2 व फेज 3 को लेकर भी चर्चा हुई।
मंत्रिपरिषद विस्तार का इंतजार
राजस्थान की भाजपा सरकार का लगभग ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। वर्तमान में प्रदेश की मंत्रिपरिषद में 24 मंत्री हैं। प्रदेश में कुल 30 मंत्री बन सकते हैं। ऐसे में छह पद रिक्त हैं। इन रिक्त पदों पर नए मंत्री बनाए जाने के साथ ही वर्तमान मंत्रियों के विभागों में फेरबदल को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे हैं।
रविवार को अध्यक्ष नितिन नबीन से उनके आवास पर मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल ने पश्चिम बंगाल, असम में जीत की बधाई दी। वहीं, प्रदेश के मामलों पर भी चर्चा की। संगठन महामंत्री बीएल संतोष से भाजपा कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान उनकी मंत्रिमंडल विस्तार, फेरबदल के साथ ही बोर्ड, आयोग में नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि पार्टी अब सभी जगहों पर नए चेहरों को ही आगे बढ़ाने की रणनीति पर अमल करना चाहती है, हालांकि कुछ अनुभवी चेहरों को एडजस्ट किया जाएगा। दोनों मुलाकातें लगभग आधे-आधे घंटे तक चलीं।
राज्यसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा
जून में प्रदेश से तीन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या के लिहाज से इनमें से दो सांसद भारतीय जनता पार्टी के निर्वाचित हो सकते हैं। इन दो संभावित प्रत्याशियों को लेकर भी चर्चा हुई है। हालांकि पार्टी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अपने मुद्दे के चलते किसी महिला चेहरे को आगे बढ़ा सकती है।