जयपुर में मानसून से पहले खतरे की घंटी… 5 मंजिला इमारत हिली, पिलर कमजोर पड़ते ही मचा हड़कंप

Unsafe Building Jaipur: जयपुर में रामगंज बाजार चीता वालों का मोहल्ला में अवैध निर्माण के दौरान एक इमारत का पिलर हिलने से हड़कंप मच गया। मौके पर निगम की टीम पहुंची और मकान को खाली करवा लिया। निगम अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे सूचना मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया और मकान खाली कराया गया।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के कुछ मकानों को भी खाली करवा लिया गया। निगम की सतर्कता शाखा के जवानों ने रविवार को मकान के आगे से किसी को आने-जाने नहीं दिया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार मकान मालिक रईस खान है, जो चप्पलों का कारोबार करता है।

अवैध निर्माण जारी, नोटिस-नोटिस खेल रहा निगम

जानकारी में आया कि पांचवीं मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान एक पिलर हिल गया। हालांकि निगम दो बार नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें बनी हुई हैं। भवन में नोटिस देने के बावजूद चल रहे निर्माण कार्य से ​नगर निगम और भवन मालिकों की मिलीभगत की पोल भी खुल गई है।

जिम्मेदार ये बोले…

किशनपोल जोन उपायुक्त बिजेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर टीम भेजकर मकान खाली कराया गया और होमगार्ड के जवान तैनात कर दिए गए। सोमवार को अभियंताओं की टीम निरीक्षण करेगी। यदि मकान सुरक्षित नहीं पाया गया तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। पांचवीं मंजिल पर जो निर्माण चल रहा है, वह अवैध है। पूर्व में दो नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

मानसून सिर पर,जर्जर भवनों की नहीं ली सुध

जयपुर शहर के परकोटा क्षेत्र में कई जर्जर भवन मौजूद हैं और मानसून में तेज बारिश के दौरान इन भवनों के गिरने अंदेशा बना रहता है। हर साल नगर निगम ऐसे भवनों के मालिकों को नोटिस देकर इतिश्री कर लेता है। जबकि जर्जर भवनों से जानमाल के नुकसान की आशंका बनी रहती है। नगर निगम ने अब तक भी जर्जर हो चुके चिन्हित भवनों को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। परकोटा क्षेत्र में ही सैंकड़ों की संख्या में जर्जर भवन मौजूद हैं जिन्हे समय रहते हटाया जाना बेहद जरूरी है।

प्रशासन की लापरवाही,आमजन पर भारी

जयपुर शहर के मालवीय नगर इलाके में बीते साल भी एक निर्माणाधीन इमारत हिलने से शहर में दहशत फैल गई थी। जेडीए ने मौका मुआयना कर निर्माणाधीन भवन को गिराने की कार्रवाई की थी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब भवन का निर्माण चल रहा था जब प्रशासन क्यों लापरवाही पर चुप था। वहीं जब इमारत झुकने की खबर फैली तो आनन फानन में भवन को गिराने की कार्रवाई की गई लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।