कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इनमें से एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।
जानकारी के अनुसार सभी महिलाओं का 4 मई को सीजेरियन ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के लगभग 7-8 घंटे बाद ही महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी। सबसे पहले उनका ब्लड प्रेशर अचानक कम होने लगा, जिसके बाद कई महिलाओं का यूरिन बंद हो गया। जांच में किडनी से जुड़ी समस्या और इन्फेक्शन के संकेत भी सामने आए। स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत सभी महिलाओं को गायनिक वार्ड से हटाकर सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के नेफ्रोलॉजी वार्ड में शिफ्ट किया।
मृतक महिला की पहचान रागिनी (29), निवासी झाड़ोल, इटावा (कोटा) के रूप में हुई है। अन्य प्रभावित महिलाओं में सुशीला (35), चंद्रकला, धन्नी और ज्योति (20) शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है। इनमें से एक महिला की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सर्जरी के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके कारण महिलाओं की हालत बिगड़ी। उनका आरोप है कि ऑपरेशन के बाद सही तरीके से मॉनिटरिंग नहीं की गई, जिससे समय पर स्थिति को संभाला नहीं जा सका।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. आरपी मीणा के अनुसार, इस बोर्ड में सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, गायनिक, फिजिशियन और नेफ्रोलॉजी के डॉक्टर शामिल किए गए हैं, जो पूरे मामले की जांच करेंगे और इलाज की निगरानी भी करेंगे।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी मरीजों को बेहतर उपचार देने की कोशिश की जा रही है और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। वहीं इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है और परिजन जवाब की मांग कर रहे हैं।