अलवर। राजस्थान के अलवर निवासी न्यायाधीश अमन शर्मा के दिल्ली में आत्महत्या करने के मामले में परिवार अब भी गहरे सदमे में है। न्यायाधीश अमन के पिता और वरिष्ठ वकील प्रेम कुमार शर्मा ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कई गंभीर बातें सामने रखी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री दिल्ली में ही रहती है और उसे अमन के घरेलू विवाद की जानकारी थी, लेकिन अमन ने उसे इस बारे में अधिक कुछ बताने से मना कर रखा था। अमन अपने माता-पिता से घरेलू बातें कम साझा करता था, जबकि अपनी बहन से वह लगभग हर बात करता था। बावजूद इसके, किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
अमन के बेडरूम से तेज आवाजें
प्रेम कुमार शर्मा के अनुसार घटना के समय अमन, उसकी पत्नी स्वाति, साली और चाचा घर में मौजूद थे। पति-पत्नी के अलावा अन्य लोग दूसरे कमरे में थे। इसी दौरान अमन के बेडरूम से तेज आवाजें आ रही थीं। कमरे में अटैच बाथरूम बना हुआ था। झगड़े के बीच अमन ने पत्नी स्वाति की चुन्नी ली और बाथरूम में जाकर खुद को अंदर से बंद कर लिया। उन्होंने बताया कि संभवतः स्वाति को अंदेशा हो गया था, क्योंकि अमन पहले भी झगड़ों के दौरान इस तरह की बातें करता था।
‘कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला’
उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद जब बाथरूम से कोई आवाज नहीं आई तो स्वाति अपने दोनों बच्चों को लेकर कमरे से बाहर निकल गई। उसने अपनी बहन और चाचा को मोबाइल पर संदेश कर बाहर बुलाया और फिर वहां से कार में बैठकर चली गई। इस बीच जब परिवार को इसकी जानकारी हुई और अमन के बारे में पूछा गया तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद शोर मचाने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां अमन फंदे से लटका मिला।
4 साल पहले हुई बेटे की शादी
उन्होंने बताया कि अमन की शादी को चार वर्ष हो चुके थे। प्रशिक्षण के दौरान ही उसने विवाह की इच्छा जताई थी, जिस पर परिवार ने सहमति दे दी थी। शादी के बाद स्वाति कुछ बार अलवर आई, लेकिन अंतिम बार आने पर उन्हें दांपत्य जीवन में कुछ तनाव महसूस हुआ। पूछने पर भी अमन ने इस बारे में कुछ नहीं बताया।
प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि घटना से पहले वह दिल्ली भी गए थे और बेटे के साथ पूरी रात बात कर उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने पुत्रवधू के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मामला गंभीर है। फिलहाल इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस जांच कर रही है। परिवार को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।