Railway Crossing Jaipur: जयपुर। रेल यात्रियों और आमजन के लिए महत्वपूर्ण सूचना है कि रेलपथ मरम्मत कार्य के चलते खातीपुरा-जगतपुरा स्टेशनों के मध्य स्थित समपार फाटक संख्या 214 (सीबीआई फाटक) को 6 मई 2026 को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय रेलवे ने वापस ले लिया है। पहले यह फाटक 6 मई सुबह 08:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक सड़क यातायात के लिए पूर्णतः बंद रखा जाना था।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, रेलवे ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी आवश्यक कार्यों के चलते यह निर्णय लिया गया था। लेकिन दोपहर बाद रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अपरिहार्य कारणों से यह कार्य स्थगित हो जाने के कारण फाटक संख्या 214 (सीबीआई फाटक) आवागमन के लिए यथावत रहेगा।
ग्रीष्मावकाश पर खड़की-सांगानेर (जयपुर) एकतरफा स्पेशल रेलसेवा का संचालन
जयपुर। रेलवे द्वारा ग्रीष्मावकाश पर अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए खड़की-सांगानेर (जयपुर) एक तरफा स्पेशल रेलसेवा का संचालन किया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार गाडी संख्या 01433, खड़की-सांगानेर (जयपुर) एकतरफा स्पेशल रेलसेवा दिनांक 04.05.26 व 05.05.26 को (02 ट्रिप) खडकी से 09.45 बजे रवाना होकर अगले दिन 07.45 बजे सांगानेर पहुंचेगी।
यह रेलसेवा मार्ग में लोनावला, कल्याण,वसई रोड,पालघर,वापी,वलसाड,सूरत,अंकलेश्वर,वडोदरा,रतलाम,भवानी मंडी,रामगंज मंडी,कोटा एवं सवाईमाधोपुर स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
इस रेलसेवा में 15 शयनयान, 03 साधारण श्रेणी एवं 02 गार्ड डिब्बों सहित कुल 20 डिब्बे होगें।
भारतीय रेल ने संरक्षा और यात्री सुविधाओं को किया और मजबूत
भारतीय रेल ने यात्रियों की संरक्षा, आराम और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए अपने कोचों में व्यापक सुधार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। रेलवे द्वारा इसके लिए निरंतर नवाचार और विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें एलएचबी कोचों का अधिकाधिक उपयोग और वंदे भारत ट्रेनों का संचालन प्रमुख हैं।
एलएचबी कोचों का बड़े पैमाने पर विस्तार
रेलवे द्वारा पारंपरिक आईसीएफ कोचों की जगह अधिक संरक्षित और आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों को उपयोग में लाया जा रहा है। ये कोच एंटी-क्लाइम्बिंग सिस्टम, एयर सस्पेंशन और कम जंग लगने वाली जैसी विशेषताओं से लैस हैं, जिससे दुर्घटनाओं के दौरान नुकसान कम होता है और यात्रा अधिक आरामदायक बनती है। अप्रैल 2018 से रेलवे के उत्पादन इकाइयों में केवल एलएचबी कोचों का निर्माण किया जा रहा है। 31 मार्च 2026 तक कुल 51,833 एलएचबी कोच तैयार किए जा चुके हैं। वहीं, चरणबद्ध तरीके से आईसीएफ रेक को हटाकर अब तक 1,556 रेक को एलएचबी में बदला जा चुका है।
वंदे भारत चेयर कार: तेज, संरक्षित और आधुनिक तकनीक से बेहतर यात्रा अनुभव
यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस के चेयर कार संस्करण को देशभर में तेजी से बढ़ाया गया है। वर्तमान में 162 वंदे भारत चेयर कार सेवाएं संचालित हो रही हैं। इन ट्रेनों में कवच सुरक्षा प्रणाली, ऑटोमैटिक प्लग डोर, सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी अलार्म और टॉक-बैक यूनिट जैसे आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। साथ ही, 180 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड और बेहतर एक्सेलरेशन इन्हें तेज और कुशल बनाते हैं। आग से सुरक्षा के लिए विशेष एरोसोल आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम भी लगाया गया है। वर्तमान में उत्तर पश्चिम रेलवे पर 5 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
वंदे भारत स्लीपर: लंबी दूरी के लिए अत्याधुनिक ट्रेन सुविधा
लंबी दूरी के यात्रियों के लिए वंदे भारत का स्लीपर संस्करण भी शुरू किया गया है। वर्तमान में 2 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें सेवा में हैं, जिनमें उच्च स्तर की सुरक्षा और आराम का ध्यान रखा गया है। इन ट्रेनों में क्रैशवर्थी डिजाइन, फायर बैरियर डोर, एंटी-क्लाइंबर, सेमी-परमानेंट कपलर और सीसीटीवी जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा, यात्रियों और लोको पायलट के बीच इमरजेंसी संचार के लिए टॉक-बैक यूनिट भी उपलब्ध है।