राजस्थान में इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर बनेंगे 9 एंट्री-एग्जिट पॉइंट, भूमि अधिग्रहण के लिए ये 50 गांव चिन्हित, देखें लिस्ट

Kotputli-Kishangarh Greenfield Expressway : जयपुर। कोटपूतली से किशनगढ़ के बीच प्रस्तावित 181 किलोमीटर लंबे फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का काम आगामी दो माह के भीतर शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए जयपुर जिले के 50 राजस्व गांवों में करीब 2200 हैक्टेयर भूमि एक्वायर की जाएगी। साथ ही करीब 6000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य जुलाई माह से प्रस्तावित है। कोटपूतली से किशनगढ़ के बीच एक्सप्रेस-वे पर 9 एंट्री-एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे। जोबनेर के समीप ड्योढी-हरनाथपुरा मोड़ पर प्रमुख पॉइंट बनाया जाएगा।

यह एक्सप्रेस-वे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां वाहनों की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा रहेगी, जिससे कोटपूतली से किशनगढ़ की दूरी महज 2 घंटे में पूरी हो सकेगी। सुरक्षा के मद्देनजर इस पर ट्रैक्टर, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट स्कैनिंग के जरिए दूरी के आधार पर टोल वसूला जाएगा।

जोबनेर के ड्योढी-हरनाथपुरा मोड़ पर एंट्री पॉइंट बनने के बाद नावां, कुचामन और जोबनेर के वाहन चालकों को सीधा लाभ मिलेगा। किसानों की सुविधा के लिए हर 2 किलोमीटर पर अंडरपास और मुख्य मार्गों पर अत्याधुनिक फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।

भूमि अधिग्रहण के लिए 50 गांव चिन्हित

चौमूं तहसील: गुडल्या, शिव नगर, भूतेड़ा, आष्टीकला, हस्तेड़ा, विजयनगर, नोपा का बास।

किशनगढ़ रेनवाल तहसील: लालासर, जुणसिया, बाघावास, धोल्या का बास, हरसोली, सुंदरपुरा, रामजीपुरा कलां, रामजीपुरा खुर्द, पचकोडिया, श्योसिंहपुरा, सुखालपुरा, मुंडोती, भोजपुरा खुर्द, दीपपुरा, चारणवास, आइदानकाबास।

जोबनेर तहसील: ड्योढी, शिंभूपुरा, प्रतापपुरा, जोरपुरा-जोबनेर।

फुलेरा तहसील: गुमानपुरा, माजीपुरा, सुरसिंहपुरा, माल्यावास, रोजड़ी, सामोता का बास, खेडीराम, कुड़ियों की ढाणी, अकोदा, रामनगर, चारणवास, चैनपुरा, नरैना, नारदपुरा, भरतोलाव, जैकमपुरा, नानण, हदपुरा, श्योपुरा, साखुन, लदेरा व सिरोही कलां।

लैंड मार्किंग का काम शुरू

अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण के लिए लैंड मार्किंग का काम शुरू हो चुका है। सर्वे और जनसुनवाई के बाद मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी। इस हाईवे के निर्माण से क्षेत्र में उद्योग, कृषि और व्यापार को नई संजीवनी मिलने की उम्मीद है। जनसुनवाई का कार्य भी अंतिम चरण में है।