कोटा में दुपहरी की तपती धूप में अपने बच्चे को छांव में लिटाकर केबल डालने के लिए खुदाई करती महिला श्रमिक । फोटो -नीरज
अजमेर में चिलचिलाती धूप, तपती दोपहरी और उम्र की सीमाएं जैसे मजदूरों के हौसलों के आगे बेबस दिखीं। जीवन की जरूरतों ने उन्हें आराम नहीं, बल्कि संघर्ष का रास्ता थमा दिया है। मजदूर दिवस पर जहां श्रमिकों के सम्मान की बातें होती हैं, वहीं तीरथदास जैसे अनगिनत चेहरे आज भी अपनी मेहनत से दो वक्त की रोटी जुटाने में लगे हैं। फोटो : वाहिद पठान
बूंदी में कृषि उपज मंडी परिसर में अपने कंधों पर अनाज से भरी बोरियां लादकर ट्रक में रखते हुए श्रमिक। फोटो — पंकज जोशी
मजदूर दिवस पर मजदूरों की सम्मान की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर भोपाल में मेट्रो निर्माण कार्य में लगे मजदूर तपती धूप और भीषण गर्मी के बीच लगातार काम करते नजर आए। फोटो सुभाष ठाकुर
जयपुर के जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर दोपहर में साइकिल रिक्शा चालक सामान ढोते हुए।
फोटो रघुवीर सिंह
कंधों पर बोझ, पर इरादे फौलादी: पसीने से अपनी तकदीर लिखता मजदूर। सीकर से पंकज पारमुवाल
जोधपुर में जीरा मंडी में मजदूरों का लिया गया दृश्य। फोटो एसके मुन्ना