Real vs Fake Tarbuj Identification Tips: गर्मी के मौसम में ठंडक पाने के लिए लोग सबसे ज्यादा जिस फल पर भरोसा करते हैं, वो है तरबूज (Watermelon)। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही तरबूज आपकी सेहत के लिए खतरा भी बन सकता है? मुंबई के पायधुनी (Pydhonie) इलाके में एक ही परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत के मामले ने हर किसी को चौंका दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में सामने आया कि परिवार ने तरबूज खाया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। हालांकि असली वजह अभी जांच के दायरे में है, मुंबई पुलिस का कहना है कि फोरेसिंक समेत अन्य टेस्ट रिपोर्ट्स आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलकर पता चला सकेगा, लेकिन इस बीच इस घटना ने फूड सेफ्टी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
क्या केमिकल वाला तरबूज बन सकता है जानलेवा?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आजकल बाजार में जल्दी पकाने और आकर्षक दिखाने के लिए फलों में केमिकल्स और रंग (Artificial Color) का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे तरबूज देखने में लाल और मीठे लगते हैं, लेकिन अंदर से आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning), उल्टी-दस्त, पेट दर्द और गंभीर मामलों में जान का खतरा भी हो सकता है।
असली-नकली तरबूज पहचानने के 5 आसान तरीके
नीचे पीला धब्बा जरूर देखें
अगर तरबूज के नीचे हल्का पीला धब्बा है, तो यह संकेत है कि फल प्राकृतिक तरीके से पका है।
थपथपाने पर गूंज
असली और पका हुआ तरबूज थपथपाने पर गूंजदार आवाज देता है, जबकि कच्चा या खराब फल dull sound देता है।
रंग में हल्की असमानता
बहुत ज्यादा चमकदार और एकदम लाल रंग वाला तरबूज शक के घेरे में आ सकता है। नेचुरल फल का रंग थोड़ा uneven होता है।
टिश्यू टेस्ट
कटे हुए तरबूज पर टिश्यू पेपर रगड़े। अगर रंग छूटे, तो समझिए उसमें मिलावट हो सकती है।
पानी टेस्ट
एक टुकड़ा पानी में डालें—अगर पानी का रंग बदलने लगे तो यह केमिकल या रंग मिलावट का संकेत हो सकता है।
किन चीजों के साथ तरबूज खाने से बचें?
दूध या दूध से बनी चीजें
खट्टे फल (Citrus Fruits)
भारी तला-भुना खाना
इनके साथ तरबूज खाने से पाचन बिगड़ सकता है और फूड रिएक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
सही तरीके से तरबूज खाने के टिप्स
हमेशा ताजा और ठंडा (लेकिन बहुत ज्यादा ठंडा नहीं) खाएं
कटे हुए तरबूज को लंबे समय तक बाहर न रखें
साफ पानी से धोकर ही काटें
सड़क किनारे कटे हुए फल खाने से बचें
तरबूज खुद में खतरनाक नहीं है, लेकिन मिलावट और गलत तरीके से खाने पर यह आपकी सेहत के लिए जोखिम बन सकता है। पायधोनी की घटना एक चेतावनी है कि अब फल खरीदते समय सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि सुरक्षा भी जरूरी है।