जोधपुर। करीब एक महीने से बंद रहा जोधपुर एयरपोर्ट मंगलवार से फिर गुलजार हो गया। 100 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ जोधपुर एयरपोर्ट का नया रनवे अब लगभग पूरी तरह तैयार है, जिसमें 3500 मीट्रिक टन बिटुमिन का उपयोग हुआ है। इतना कि इससे करीब 100 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा सकती है। वर्ष 2007 के बाद पहली बार रनवे का व्यापक पुनर्निर्माण किया गया है, जिससे एयरपोर्ट की संचालन क्षमता और सुरक्षा दोनों में बड़ा सुधार हुआ है।
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रनवे को पांच अत्याधुनिक लेयर में तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इसमें स्ट्रेस ऑब्जर्विंग मेंब्रेन इंटरलेयर (सामी) लगाई गई है, जो विमान की लैंडिंग के समय झटकों को सोखकर ‘कुशन’ जैसा प्रभाव देती है। इसके साथ ही ग्लास ग्रेड फाइबर लेयर रनवे को क्रैक से बचाने में मदद करेगी।
अमरीका-ईरान युद्ध का असर दिखा
निर्माण में आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों और मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस का तकनीकी सहयोग लिया गया। अमरीका-ईरान युद्ध का असर भी रनवे निर्माण पर रहा। बिटुमिन के दाम काफी बढ़ गए और उपलब्धता घट गई। तीन सरकारी और दो निजी रिफाइनरियों से इसकी व्यवस्था करनी पड़ी। हालांकि रनवे का तीसरा फेज अभी शेष है, इसलिए एयरफोर्स के फाइटर प्लेन 20 मई से ही संचालन शुरू कर सकेंगे। सिविल फ्लाइट्स मंगलवार से तय समय पर शुरू हो जाएंगी।
रनवे की ताकत और तकनीक
नए रनवे का पीसीएन (पेवमेंट क्लासिफिकेशन नंबर) 40 प्लस रखा गया है, जिससे भारी विमान भी सुरक्षित लैंडिंग कर सकेंगे। नियम के अनुसार किसी भी विमान का एसीएन, पीसीएन से कम होना चाहिए, जिससे रनवे पर दबाव संतुलित रहता है।
ढाई किमी में 1800 मीटर तैयार, शेष काम जारी
निर्माण एजेंसी के प्रतापसिंह राजपुरोहित ने बताया कि एयरपोर्ट का कुल रनवे 2.5 किलोमीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है। फिलहाल दो फेज में 1800 मीटर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बाकी हिस्सा तीसरे फेज में तैयार किया जाएगा। फाइटर प्लेन के लिए लंबा रनवे जरूरी होने के कारण उनकी उड़ान 20 मई से शुरू होगी।
दो नए टैक्सी-वे से घटेगा समय
इस बार रनवे के साथ दो नए टैक्सी-वे भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के बीच का समय कम होगा और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट अधिक सुचारू बनेगा। साथ ही एयरफील्ड लाइटिंग और ड्रेनेज सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है।
सुबह 8:45 बजे पहुंची पहली फ्लाइट
मंगलवार से लागू हो रहे समर शेड्यूल के तहत जोधपुर से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद के लिए नियमित उड़ानें संचालित होंगी। पहली फ्लाइट इंडिगो की सुबह 8:45 बजे पहुंची, जबकि दिन की आखिरी फ्लाइट हैदराबाद के लिए होगी। जयपुर और इंदौर की फ्लाइट्स फिलहाल समर शेड्यूल में शामिल नहीं हैं।