जयपुर. आपकी यात्रा के दौरान कुछ ऐसे ‘ब्लैक स्पॉट’ हो सकते हैं जहां दुर्घटना होने का खतरा सबसे अधिक होता है। ऐसे में जयपुर रेंज पुलिस की ओर से जारी QR कोड से ब्लैक स्पॉट के बारे में जानकारी दी गई है, जिससे आपकी यात्रा सुरक्षित हो। सड़क दुर्घटनाएं कम करने के उद्देश्य से मिशन सेफर रोड अभियान शुरू किया गया है। इस पहल के तहत सबसे पहले थाना स्तर पर सर्वे करवाकर कैटेगरी वाइज ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। आमजन की जानकारी के लिए “QR Code”जारी किया गया है।
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों को सतर्क करने के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने एक अभिनव कदम उठाया है। पुलिस ने दुर्घटना संभावित स्थलों (Black Spots) की जानकारी देने वाला QR कोड जारी किया है। इस QR कोड को स्मार्टफोन से स्कैन करने पर Google-based मैप खुल जाएगा, जिसमें जयपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले हाइवे और सड़कों पर स्थित खतरनाक स्थानों को साफ-साफ चिह्नित किया गया है।
IGP जयपुर रेंज राहुल प्रकाश की ओर से जारी इस पोस्ट में कहा गया है – “जयपुर रेंज में दुर्घटना संभावित स्थलों की जानकारी के लिए जयपुर रेंज पुलिस द्वारा QR कोड जारी किया गया है। इस QR कोड को स्कैन करके आप अपने क्षेत्र के दुर्घटना संभावित स्थानों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यातायात नियमों का पालन करें। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।
कितने ब्लैक स्पॉट्स ?
जयपुर रेंज के आठ जिलों में कुल 121 दुर्घटना संभावित स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनमें पिछले तीन वर्षों में 1,108 लोगों की जान जा चुकी है। इन स्पॉट्स को खतरे के स्तर के आधार पर A, B और C श्रेणी में बांटा गया है। विशेष टीमें इन स्थानों का अध्ययन कर सड़क सुधार, साइनेज लगाने, लाइटिंग व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों की योजना बना रही हैं।
यहां रहें सावधान
ये ब्लैक स्पॉट मुख्य रूप से नेशनल हाइवे (जैसे NH-48, NH-12 आदि) और महत्वपूर्ण स्टेट हाइवे पर स्थित हैं, जहां तेज रफ्तार, खराब मोड़, अनियंत्रित एक्सेस पॉइंट, इंटरसेक्शन या इंजीनियरिंग की कमी के कारण हादसे ज्यादा होते हैं। कुछ जिलों में NH-48 (जयपुर-अजमेर-किशनगढ़ सेक्शन) और जयपुर से जुड़े बाईपास, फ्लाईओवर तथा ग्रामीण सड़कों पर भी कई स्पॉट चिह्नित हैं।
रूट के आसपास के ब्लैक स्पॉट्स की लाइव जानकारी
QR कोड स्कैन करने पर यात्री अपने रूट के आसपास के ब्लैक स्पॉट्स की लाइव जानकारी, उनके कारण और सावधानियां देख सकेंगे। इससे ड्राइवर पहले से सतर्क हो सकेंगे और ओवरस्पीडिंग या लापरवाही से बच सकेंगे।
क्यों जरूरी है यह पहल?
राजस्थान में सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, खराब सड़क डिजाइन और अनियंत्रित कट्स (जैसे NH-48 पर 100 से ज्यादा अवैध एक्सेस) बड़े कारण हैं। जयपुर रेंज पुलिस की यह डिजिटल पहल यात्रियों को सशक्त बनाएगी। पुलिस का संदेश साफ है – “सुरक्षित सफर, सुरक्षित परिवार”।IGP जयपुर रेंज राहुल प्रकाश ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे इस QR कोड को अपने फोन में सेव करें, यात्रा से पहले चेक करें और स्पीड लिमिट, सीट बेल्ट, हेलमेट तथा लेन डिसिप्लिन का सख्ती से पालन करें।
यह पहल अन्य पुलिस रेंज के लिए भी उदाहरण बनेगी। यदि आप जयपुर रेंज (जयपुर, दौसा, टोंक, सवाई माधोपुर आदि जिलों) से गुजरते हैं तो इस QR कोड को जरूर स्कैन करें। अपनी और दूसरों की जान बचाने के लिए थोड़ी सी सावधानी काफी है।सड़क है आपकी जिम्मेदारी भी। यातायात नियमों का पालन करें, सतर्क रहें, सुरक्षित पहुंचें।