बालोतरा: पचपदरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग से पूरे मारवाड़ में मायूसी छा गई, लेकिन अब मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा होने और मई के द्वितीय सप्ताह में सीडीयू यूनिट दोबारा शुरू होने की संभावना ने नई उम्मीद जगा दी है।
लोकार्पण से एक दिन पहले हुए हादसे ने रोजगार, उद्योग और राजस्व की रफ्तार पर अस्थायी ब्रेक लगा दिया। मगर क्षेत्र के युवा और उद्यमी अब जल्द शुरुआत का इंतजार कर रहे हैं।
तीन से चार सप्ताह में मरम्मत का दावा
एचपीसीएल की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित रही। छह एक्सचेंजर और उनसे जुड़े उपकरण प्रभावित हुए। आग का मुख्य कारण वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से रिसाव बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, तीन से चार सप्ताह में मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
वहीं, इस परियोजना में राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में रिफाइनरी पूरी तरह चालू होने पर प्रदेश को सालाना 30,000 से 40,000 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने का अनुमान है।
हादसे के कारण उत्पादन में देरी से यह आय फिलहाल टल गई है, लेकिन उम्मीद है कि संचालन शुरू होते ही प्रदेश को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
रोजगार और उद्योगों की उम्मीद बरकरार
रिफाइनरी को निर्यात केंद्र की रणनीति के तहत विकसित किया गया है। यहां रिफाइंड तेल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा जाना है। साथ ही यह विदेशी कच्चे तेल के अलावा बाड़मेर के मंगला टर्मिनल के घरेलू कच्चे तेल को भी रिफाइन कर सकती है, जिससे आयात निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
रिफाइनरी के साथ 25,000 करोड़ रुपए का पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी जुड़ा है। इससे अनेक सहायक उद्योगों और हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
जल्द मिलेगी उद्योगों को नई गति
रिफाइनरी शुरू होते ही क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और छोटे उद्योगों को नई गति मिलेगी। इसके जल्द शुरुआत से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और उद्यमियों को इसका लाभ मिलेगा।
-रमेश जैन भाया, उद्यमी
युवाओं को मिलेगा रोजगार
मारवाड़ सहित बालोतरा क्षेत्र के युवाओं को रोजगार की बड़ी उम्मीद रिफाइनरी से है। अब सबकी नजरें जल्द शुभारंभ पर टिकी हैं, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सकें।
-हनुमान चौधरी, युवा