Jaipur Airport: जयपुर में लैंडिंग फेल, इंदौर की फ्लाइट वापस लौटी इंदौर, आंधी के कारण तीन फ्लाइट्स डायवर्ट

जयपुर। गुलाबी नगरी में रात में आई तेज आंधी और खराब मौसम ने हवाई यात्रियों को खासा परेशान किया। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए कतारें लग गई। लेकिन कम विजिबिलिटी और तूफानी हवाओं के कारण पायलटों को लैंडिंग में भारी दिक्कत आई। सुरक्षा के मद्देनजर एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तीन फ्लाइट्स को डायवर्ट करने का फैसला लिया। इनमें से अहमदाबाद और मुंबई की फ्लाइट को दिल्ली भेजा गया, जबकि इंदौर से आई फ्लाइट को मौसम की खराबी के कारण वापस इंदौर ही लौटना पड़ा। इस दौरान सैकड़ों यात्री 3 से 5 घंटे तक हवा और एयरपोर्ट के बीच फंसे रहे।

हवा में चक्कर काटते रहे विमान, इंदौर वाले वापस घर पहुंचे

खराब मौसम का सबसे बुरा असर इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर पड़ा। अहमदाबाद से आई इंडिगो की फ्लाइट 6 ई-7131 और मुंबई से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आई एक्स-1219 को घंटों जयपुर के आसमान में चक्कर लगाने के बाद भी सफलता नहीं मिली तो उन्हें दिल्ली डायवर्ट किया गया। सबसे अजीब स्थिति इंदौर से आई इंडिगो फ्लाइट 6 ई-7745 के यात्रियों के साथ हुई। जयपुर पहुंचने के बाद भी मौसम साफ नहीं होने पर पायलट विमान को वापस इंदौर ले गया, जिससे यात्री जयपुर उतरने के बजाय वापस अपने शुरुआती स्टेशन पर पहुंच गए।

रनवे टच कर फिर उड़ा एयर इंडिया का प्लेन, यात्रियों में मची घबराहट

रात के समय जयपुर एयरपोर्ट पर उस वक्त दहशत में आ गए, जब मुंबई से आई एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-413 ने लैंडिंग की कोशिश की। पायलट ने टायर रनवे पर टच कर दिए थे, लेकिन तेज हवा के झोंके के कारण अचानक विमान को फिर से हवा में उठाना पड़ा। इसके बाद करीब एक घंटे तक यह विमान आसमान में गोल-गोल घूमता रहा। वहीं आबूधाबी से आए एतिहाद एयरवेज के विमान ने भी लैंडिंग से पहले आसमान में 8 चक्कर लगाए। धूल भरी आंधी और जीरो विजिबिलिटी के कारण यात्रियों में घबराहट का माहौल रहा, हालांकि मौसम थोड़ा शांत होने पर कई विमानों को सुरक्षित लैंड कराया गया।

क्यों खतरनाक होती है खराब मौसम में लैंडिंग..

तेज आंधी, धूल और कम विजिबिलिटी विमान लैंडिंग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनते हैं। ऐसे हालात में रनवे साफ नजर नहीं आता और तेज क्रॉस विंड विमान का संतुलन बिगाड़ सकती है। पायलट जोखिम नहीं लेते और जरूरत पड़ने पर ‘गो-अराउंड’ या डायवर्जन का फैसला करते हैं। यही कारण है कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ानों को मोड़ा या वापस भेजा जाता है।