RIICO: जयपुर. राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार लगातार सक्रिय कदम उठा रही है। इसी कड़ी में रीको (RIICO) की प्रत्यक्ष आवंटन योजना का दसवां चरण 1 मई 2026 से शुरू होने जा रहा है। इस योजना के तहत निवेशकों को कम लागत पर पारदर्शी तरीके से औद्योगिक भूखण्ड उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा।
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट के दौरान हुए एमओयू के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को भरोसा दिलाया था कि ये समझौते जल्द ही जमीन पर उतरेंगे। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नीतियों को सरल बनाते हुए निवेश प्रक्रिया को और सुगम बनाया है। रीको की यह योजना उसी प्रयास का हिस्सा है।
दसवें चरण में निवेशक 1 मई से 14 मई 2026 तक ईएमडी जमा कर आवेदन कर सकेंगे। इस बार योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले निवेशकों को चरण शुरू होने से 15 दिन पहले राज्य सरकार के साथ एमओयू करना अनिवार्य था, लेकिन अब निवेशक आवेदन की अंतिम तिथि तक एमओयू कर योजना में भाग ले सकते हैं। इससे अधिक उद्यमियों को अवसर मिलने की उम्मीद है।
103 औद्योगिक क्षेत्रों में 5500 से अधिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखण्ड
इस चरण में राज्य के 103 औद्योगिक क्षेत्रों में 5500 से अधिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखण्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें अलवर, जयपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर, भीलवाड़ा सहित कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए योजना की वैधता भी 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।
भूखण्डों के आवंटन के लिए 19 मई 2026 को ई-लॉटरी आयोजित की जाएगी। जिन भूखण्डों के लिए एक ही आवेदन प्राप्त होगा, उन्हें सीधे आवंटित किया जाएगा, जबकि एक से अधिक आवेदन होने पर लॉटरी के जरिए आवंटन होगा।
योजना के पहले नौ चरणों में 1662 भूखण्डों के लिए ऑफर लेटर जारी
गौरतलब है कि योजना के पहले नौ चरणों में 1662 भूखण्डों के लिए ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग 437 हेक्टेयर है और इनकी कीमत 2500 करोड़ रुपये से अधिक है। इन भूखण्डों पर स्थापित होने वाली इकाइयों से करीब 18,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई जा रही है।