भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच झुलस रहे नौनिहालों और उनके अभिभावकों को आखिरकार बड़ी राहत मिली है। राजस्थान पत्रिका की ओर से लगातार दो दिन तक इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन को मासूम बच्चों के आगे झुकना पड़ा। रविवार को अवकाश होने के बावजूद दोपहर 12 बजे बाद जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अरुणा गारू को स्कूलों का समय बदलने के आदेश जारी करने पड़े। अब जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं सोमवार से सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक ही लगेंगी।
लगातार बढ़ते तापमान के चलते छोटे बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी। तपती धूप में बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने जाने वाले अभिभावक भी बेहाल थे। पत्रिका की मुहिम के बाद मिली इस राहत से बच्चों और अभिभावकों ने चैन की सांस ली है।
आदेश में क्या है खास
जिला कलक्टर की ओर से जारी आदेश के अनुसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान और भीषण गर्मी व हीटवेव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्री-प्राइमरी से कक्षा 8वीं तक के सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों का समय सोमवार से सत्रांत तक सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक रहेगा। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं समस्त स्टाफ और संचालित अन्य परीक्षाओं का समय यथावत रहेगा। आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पत्रिका ने यूं उठाया मुद्दा:’सुनोसरकार’ से लेकर ‘साहब के आदेश’ तक की गूंज
राजस्थान पत्रिका ने प्रशासन की संवेदनहीनता और बच्चों की पीड़ा को देखते हुए लगातार दो दिन इस खबर को फ्रंट पेज की सुर्खियां बनाया। पत्रिका ने शनिवार के अंक में ‘सुनोसरकार: भीलवाड़ा प्रशासन को शिकायत का इंतजार, एसी में बैठे अफसर, तपते कमरों में नौनिहाल…’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर प्रशासन को आईना दिखाया। रविवार 26 अप्रेल के अंक में ‘कई जिलों ने बदला समय पर भीलवाड़ा में बच्चों को ‘साहब’ के आदेश का इंतजार’ शीर्षक से खबर को फिर प्रमुखता से उठाया गया।
पहली से आठवी तक के बच्चों को बुलाना होगा सुबह
कलक्टर के आदेश के बाद दो पारी वाले सरकारी विद्यालयों के सामने यह समस्या होगी कि बड़े बच्चे कक्षा 9 से 12 तक को अब सुबह के स्थान पर दोपहर 12.30 बजे बाद आना होगा। अभी तक इन छात्रों को सुबह बुलाया जा रहा था। तथा छोटे बच्चों को दोपहर 1 बजे बाद स्कूल आ रहे थे। अब इसमें बदलाव करना होगा।