चूरू। सिद्धमुख निवासी सुरेन्द्र भार्गव और पिलानी की हिमांशी की शादी के बीच थिरपाली गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे की खबर ने पूरे समारोह का माहौल बदल दिया। बारात पहुंचने और रस्में चलने के दौरान मिली इस सूचना के बाद खुशियों का माहौल अचानक शांत हो गया और शादी की रस्में सादगी में पूरी करनी पड़ीं।
दुल्हन हिमांशी की मां सुनीता भार्गव ने भावुक होते हुए बताया कि पिलानी के एक गेस्ट हाउस में गुरुवार रात ‘कोरथ’ की रस्म पूरी हो चुकी थी और परिवार के लोग घर की ओर बढ़ रहे थे। दूल्हा ढुकाव के लिए घोड़ी पर सवार था, डीजे पर बाराती नृत्य कर रहे थे। इसी दौरान हादसे की सूचना मिली, जिससे हर कोई स्तब्ध रह गया। उन्होंने बताया कि इस एक दिन के लिए महीनों से तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हादसे की खबर मिलते ही सब कुछ बदल गया।
कई परिवारों को गहरा दर्द, उपचार के दौरान एक की और मौत
थिरपाली छोटी गांव के पास गुरुवार देर रात हुए भयावह सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरा दर्द दिया है। हादसे में उपचाराधीन एक जने की शुक्रवार को मौत हो गई। हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस ने मृतकों के नाम पहचान कर लिए हैं, लेकिन डीएनए टेस्ट के बाद ही शव परिवारों को सौंपे जाएंगे। हादसे में तीन लोगों की जिन्दा जलने से गुरुवार देर रात ही मौके पर ही मौत हो गई थी।
जबकि हादसे में झुलसे युवकों में से मंदरपुरा (हनुमानगढ़) निवासी कमल पुत्र रोहिताश भार्गव ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह दूल्हे के मामा का लड़का था। शुक्रवार सुबह एएसपी रिछपाल चारण, आईपीएस अभिजीत पाटिल, थाना अधिकारी रायसिंह सुथार सहित पुलिस के अधिकारी एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल पर साक्ष्य जुटाए।
जल्दबाजी में पूरी हुई शादी की रस्में
हादसे की सूचना के बाद दूल्हा तुरंत कार से घर पहुंचा, जबकि दुल्हन उस समय पार्लर में थी। उसे बीच में ही वापस बुलाया गया। घर पहुंचने पर माहौल बदला हुआ था। ऐसे में बिना किसी औपचारिक आयोजन के वरमाला और फेरों की रस्म जल्दबाजी में पूरी की गई। इसके बाद परंपरागत रस्मों को सीमित रखते हुए दूल्हा-दुल्हन को विदा कर दिया गया। शुक्रवार सुबह की रस्में भी संक्षिप्त रूप से निभाई गईं।
तैयारियां अधूरी रह गईं
दुल्हन की भुआ मंजू भार्गव ने बताया कि बारात और मेहमानों के लिए बड़े स्तर पर भोजन की व्यवस्था की गई थी। करीब 700 लोगों के खाने की तैयारी थी, सूचना मिलने तक करीब 200 लोग भोजन कर चुके थे लेकिन हादसे की सूचना के बाद लोग धीरे-धीरे वहां से जाने लगे और माहौल पूरी तरह बदल गया। बड़ी मात्रा में तैयार भोजन उपयोग में नहीं आ सका।
सामान घर में ही रखा रह गया
शादी लम्बे समय से तैयारियां की गई थीं। हिमांशी को देने के लिए जुटाए गए सामान को ले जाने के लिए सिद्धमुख से वाहन भी आ चुका था, लेकिन परिस्थितियों के चलते वह सामान भी फिलहाल घर में ही सुरक्षित रखा गया है।