JDA Geo-Tagging : जयपुर में बेशकीमती सरकारी जमीनें अब रहेगी सुरक्षित, जेडीए का आया नया मॉनिटरिंग सिस्टम

JDA Geo-Tagging : जयपुर में बेशकीमती सरकारी जमीनों को भू‑माफियाओं और अतिक्रमण की भेंट चढ़ने से बचाने की तैयारी शुरू हो गई है। जेडीए अपनी जमीनों की जियो‑टैगिंग करेगा, जिससे जमीन की मौजूदा स्थिति पर ऑनलाइन नजर रखी जा सकेगी। जमीन पर कब्जा या अतिक्रमण होते ही तुरंत पता चल जाएगा। इसके लिए जेडीए ने भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं और सभी उपायुक्तों सहित करीब 206 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

जेडीए प्रशासन ने सभी अधिकारियों को अलग‑अलग खसरे आवंटित किए हैं। अधिकारी मौके पर जाकर इनका भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। प्रथम चरण में प्रत्येक अधिकारी को 5‑5 खसरों का सत्यापन करना है। वे देख रहे हैं कि जमीन खाली है या उस पर कोई निर्माण हो चुका है। सभी अधिकारी 24 अप्रेल तक रिपोर्ट जेडीए प्रशासन को सौंपेंगे। इसके बाद इन खसरा नंबरों की जियो‑टैगिंग का काम शुरू होगा।

बाहरी जोनों में सबसे अधिक शिकायतें

जेडीए के बाहरी जोनों में सरकारी जमीनों पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण की शिकायतें आती हैं। कई जगह भू‑माफिया अवैध कॉलोनियां तक बसा देते हैं। कहीं लोग निर्माण कर लेते हैं। शिकायत मिलने पर जेडीए कार्रवाई भी करता है। प्रवर्तन शाखा ने जोन 10 में सबसे अधिक 613 बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया है। वहीं जोन 13 में भी अतिक्रमण के मामले अधिक हैं।

जियो‑टैगिंग से होगा फायदा

1- सैटेलाइट के जरिए जमीन की मौजूदा स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।
2- टैगिंग के बाद भविष्य में यदि जमीन पर एक ईंट भी रखी गई, तो सॉफ्टवेयर तुरंत बदलाव पकड़ लेगा।
3- भूमाफियाओं और अतिक्रमण करने वालों में डर बैठेगा, जिससे सरकारी जमीनों पर कब्जे पर अंकुश लगेगा।
इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, भूमि विवाद कम होंगे, विकास कार्य तेज होंगे तथा किसानों और सरकार दोनों को लाभ मिलेगा।

पिछले 5 साल में जेडीए ने खुद की जमीन से हटाए अतिक्रमण

जोन – कितने बीघा जमीन से हटाए अतिक्रमण
ए – 7
बी – 112.5
सी – 85.5
पीआरएन – 167
जोन 7 – 20
जोन 8 – 15.5
जोन 9 – 38
जोन 10 – 613.5
जोन 11 – 118.5
जोन 12 – 405
जोन 13 – 524.5
जोन 14 – 121
जोन 16 – 4
जोन 17 – 5.5।
(जमीन के आंकड़े बीघा में हैं)।