Alwar News: राजस्थान के अलवर जिले से सात साल पहले सुनहरे भविष्य का सपना लेकर गुरुग्राम गए एक परिवार का बेहद खौफनाक और दुखद अंत हो गया। गुरुग्राम के सेक्टर-9 में रहने वाले अलवर निवासी दीपक और उसकी पत्नी सोनम के बीच उपजे संदेह ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। शक के चलते दीपक ने पहले अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या की और फिर खुद भी फंदे से लटककर जान दे दी। हृदयविदारक पहलू यह रहा कि जब यह वारदात हुई, उनका 6 साल का मासूम बेटा दूसरे कमरे में टीवी देख रहा था, जो घंटों तक अपने माता-पिता के शवों के पास ही रहा।
शक की आग में जल गया ‘लव मैरिज’ का रिश्ता
मूल रूप से अलवर के खुडानपुरी रोड (चावर कॉलोनी) के रहने वाले दीपक और सोनम ने आठ साल पहले प्रेम विवाह किया था। परिजनों की नाराजगी के कारण वे राजस्थान छोड़कर गुरुग्राम शिफ्ट हो गए थे। दीपक टैक्सी चलाता था और सोनम एक ऑटोमोबाइल कंपनी में कार्यरत थी। हालांकि, पिछले छह महीनों से दीपक को अपनी पत्नी के व्यवहार पर संदेह था। उसे शक था कि सोनम का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध है।
वीडियो कॉल बना मौत का तात्कालिक कारण
पुलिस जांच के अनुसार, रविवार (19 अप्रैल) को दीपक चुपके से अलवर से गुरुग्राम पहुंचा। वह अपनी पत्नी को रंगे हाथों पकड़ना चाहता था। जब वह घर पहुंचा, तो सोनम किचन में खाना बनाते समय किसी से व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। दीपक को देखते ही उसने कॉल काट दी। जब दीपक ने मोबाइल चेक करने के लिए मांगा, तो सोनम ने इनकार कर दिया। इसी बात पर उपजे गुस्से में दीपक ने सोनम की चुन्नी से ही पीछे से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद आरोपी पति दूसरे कमरे में गया और बाल्टियों के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
मासूम की बेबसी: “मम्मी-पापा घूमने गए हैं”
इस पूरी घटना का सबसे मार्मिक पहलू उनका 6 साल का बेटा है। वारदात के समय वह घर में ही था। जब उसकी मौसेरी बहन घर पहुंची, तो सोनम की लाश किचन में और दीपक का शव फंदे पर लटका मिला। मासूम बच्चा अब भी इस बात से अनजान है कि उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। जब भी वह उन्हें याद करता है, परिजन रुंधे गले से उसे ढांढस बंधाते हैं कि “मम्मी-पापा घूमने गए हैं।”
अलवर में एक ही चिता पर हुआ संस्कार
गुरुग्राम पुलिस ने इसे ‘डायडिक सुसाइड’ (Dyadic Suicide) का मामला माना है, जिसमें व्यक्ति अपराध करने के बाद खुद भी जान दे देता है। पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शवों को उनके पैतृक निवास अलवर लाया गया। जहां गमगीन माहौल में दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अब उस ‘अज्ञात नंबर’ की तलाश कर रही है जिससे सोनम की लंबी बातचीत होती थी।