राजस्थान के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने अब प्रदेश के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। कांग्रेस के बाद अब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर सीधा हमला बोला है। बेनीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार की ‘आनंद-फानन’ वाली तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह घटना प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और औद्योगिक माहौल के लिए एक खतरनाक संकेत है।
‘यह महज संयोग नहीं, गंभीर साजिश या लापरवाही है’
सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी पोस्ट में सुरक्षा व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा प्रस्तावित हो और उससे महज 24 घंटे पहले इतनी संवेदनशील जगह पर आग लग जाए, तो इसे सामान्य हादसा नहीं माना जा सकता।
Hanuman Beniwal, PM Modi, CM Bhajanlal – File PIC
उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल किया, ‘पीएम के दौरे से पहले आपने स्थिति का जायजा लिया था, फिर भी ऐसी चूक कैसे हुई? क्या शासन-प्रशासन केवल दिखावे की तैयारियों में व्यस्त है?’
Pachpadra Refinery Fire Incident
‘निवेश और औद्योगिक विकास पर उठे सवाल‘
बेनीवाल ने इस घटना को राजस्थान के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री के दौरे के समय भी रणनीतिक महत्व वाली जगहें सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश में बड़े निवेश कैसे आएंगे? उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को घेरते हुए कहा कि यह आगजनी साबित करती है कि पीएम दौरे की तैयारियां आनन-फानन में की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को केवल उद्घाटन करवाने की होड़ है, सुरक्षा मानकों की कोई चिंता नहीं।
‘मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से लें जिम्मेदारी‘
हनुमान बेनीवाल ने इस पूरी घटना की नैतिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पर डाली है। उन्होंने कहा कि चूंकि मुख्यमंत्री खुद इस पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, इसलिए इस गंभीर चूक और आगजनी की जिम्मेदारी उन्हें सार्वजनिक रूप से स्वीकार करनी चाहिए। बेनीवाल के इस बयान के बाद सियासी हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या कल होने वाले कार्यक्रम से पहले सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई बड़ा बदलाव होगा।
लोकार्पण से पहले ‘अग्नि परीक्षा’ में फंसी सरकार
एक ओर जहाँ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आज रिफाइनरी दौरा प्रस्तावित है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष के चौतरफा हमले ने सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है। पचपदरा में लगी यह आग अब केवल यूनिट तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने आगामी विधानसभा और लोकसभा उप-चुनावों से पहले एक बड़ा ‘सियासी मुद्दा’ खड़ा कर दिया है।