Pachpadra Refinery Fire Incident : ‘अधूरी तैयारी… जल्दबाज़ी… बड़ी सुरक्षा चूक’, रिफाइनरी में आग के चंद मिनट बाद सियासी बयानबाज़ी शुरु, कांग्रेस के गंभीर आरोप

राजस्थान के ‘प्राइड’ कहे जाने वाले पचपदरा रिफाइनरी प्रोजेक्ट में सोमवार को लगी आग ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (21 April) इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण करने वाले हैं, लेकिन उससे ठीक पहले लगी इस आग ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज कर दी है। कांग्रेस ने इस घटना को सीधे तौर पर सरकार की ‘लापरवाही’ और ‘दिखावे की राजनीति’ का नतीजा बताया है।

मार्केटिंग के चक्कर में सुरक्षा से खिलवाड़ : जूली

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, ‘पचपदरा रिफाइनरी में आग की घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस द्वारा बनाई गई इस रिफाइनरी का उद्घाटन करने कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी यहां आ रहे हैं, और उससे एक दिन पहले इस तरह की घटना सरकार की जल्दबाजी की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।’

जूली ने आगे कहा, ‘कांग्रेस की इस महत्वपूर्ण परियोजना को भाजपा ने वर्षों तक अटकाए रखा, जिससे इसकी लागत भी दोगुनी हो गई, इससे लगता है कि अभी भी रिफाइनरी का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है और जल्दबाजी में प्रचार के लिए इसका उद्घाटन करवाया जा रहा है।’

जूली ने आगे कहा, ‘मुख्यमंत्री जी यदि दिखावे की झूठी मार्केटिंग से समय निकालते, तो शायद इतनी अहम परियोजना के आसपास सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक नहीं होती। यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सरकार की गंभीर लापरवाही का परिणाम है।’

बालोतरा के पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।

कांग्रेस द्वारा बनाई गई इस रिफाइनरी का उद्घाटन करने कल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी यहां आ रहे हैं, और उससे एक दिन पहले इस तरह की घटना सरकार की जल्दबाजी की व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।…

— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) April 20, 2026

अशोक गहलोत का ‘सधा हुआ’ रुख

एक ओर जहाँ टीकाराम जूली हमलावर दिखे, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फिलहाल सधा हुआ बयान दिया है। उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर इस परियोजना को राजस्थानियों का ‘गर्व’ बताया।

गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा, ”रिफाइनरी हम सभी राजस्थानियों के लिए गर्व करने वाली परियोजना है। लोकार्पण से ठीक पहले ऐसी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं सभी की सलामती की प्रार्थना करता हूं।” हालांकि, गहलोत के इस सधे हुए बयान के पीछे भी प्रोजेक्ट के प्रति उनके ‘अपनत्व’ की झलक साफ़ दिखाई दे रही है।

बालोतरा के पचपदरा में रिफाइनरी में आग लगने की खबर सुनकर चिंता हुई। रिफाइनरी हम सभी राजस्थानियों के लिए गर्व करने वाली परियोजना है जिसका कल उद्घाटन होना है। ऐसे समय पर यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

मैं इस घटना में सभी की सलामती की प्रार्थना करता हूं।

— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 20, 2026

लोकार्पण पर उठ रहे सवाल: क्या तैयार है रिफाइनरी?

विपक्ष के इन आरोपों ने कल होने वाले प्रधानमंत्री के दौरे पर सवालिया निशान लगा दिए हैं:

सुरक्षा ऑडिट: क्या आग लगने के बाद एसपीजी और तकनीकी टीमें लोकार्पण की अनुमति देंगी?

लापरवाही की जांच: क्या उद्घाटन के दबाव में टेस्टिंग प्रक्रियाओं में जल्दबाजी की गई?

क्रेडिट वॉर: रिफाइनरी को कांग्रेस की देन बताकर टीकाराम जूली ने क्रेडिट की जंग को फिर से हवा दे दी है।

प्रशासनिक खेमे में सन्नाटा, बचाव कार्य जारी

आग की घटना के बाद जहाँ एक ओर सियासी बयानबाजी जारी है, वहीं दूसरी ओर रिफाइनरी परिसर में सन्नाटा पसरा है। आला अधिकारी इस बात की जांच में जुटे हैं कि आखिर इतनी हाई-प्रोफाइल सुरक्षा के बीच यूनिट में आग कैसे लगी। क्या यह कोई तकनीकी शॉर्ट सर्किट है या सिस्टम पर बढ़ते दबाव का नतीजा, इसका खुलासा होना अभी बाकी है।