राजस्थान की राजधानी जयपुर आज ‘नारी शक्ति वंदन’ और ‘जन आक्रोश’ के नारों से गूंज उठी। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ और उसके बाद प्रदेश कार्यालय से कांग्रेस दफ्तर तक निकली विशाल पदयात्रा ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस मंच से कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें ‘महिला विरोधी’ और ‘परिवारवादी’ करार दिया।
‘विपक्ष की दूषित मानसिकता को सबक सिखाएगी मातृशक्ति’
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिन्होंने देश पर सबसे लंबे समय तक शासन किया, उन्होंने महिलाओं को केवल एक ‘वोट बैंक’ समझा।
वंदन अधिनियम पर घेरा: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का विरोध करना विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा।
परिवारवाद पर प्रहार: सीएम ने तीखे लहजे में कहा, “इन परिवारवादी पार्टियों की मानसिकता दूषित है। ये लोग राष्ट्रहित के हर काम का विरोध करते हैं, लेकिन अब मातृशक्ति का यह आक्रोश ज्वाला बनेगा और आने वाले चुनाव में इन्हें धूल चटाएगा।”
विकसित भारत और नारी शक्ति: मोदी है तो मुमकिन है
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में विश्वास जताया कि ‘विकसित भारत’ का सपना बिना महिलाओं को आगे बढ़ाए पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने 17 अप्रैल की तारीख का जिक्र करते हुए विपक्ष को चेतावनी दी कि उन्हें अपने किए पर पछताना होगा। “मोदी है तो मुमकिन है” के नारों के बीच सीएम ने दोहराया कि भाजपा सरकार हर बहन-बेटी को उसका मान-सम्मान दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है।
‘कांग्रेस ने छीना हक, अब गांव-गली में न घुसने दें’: दिया कुमारी
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पदयात्रा के दौरान कांग्रेस पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने की बात आई, तो कांग्रेस ने इसमें अड़ंगे लगाए।
आईना दिखाने का समय: दिया कुमारी ने महिलाओं से आह्वान किया, “जिस कांग्रेस ने भारत की बेटी का अपमान किया, उसे अपने जिले, अपने गांव और अपनी गली में कदम नहीं रखने देना है। हमें इस अपमान का जवाब वोट की चोट से देना होगा।”
BJP दफ्तर से कांग्रेस मुख्यालय तक ‘शक्ति प्रदर्शन’
सम्मेलन के बाद हजारों की संख्या में महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर मार्च निकाला। यह पदयात्रा भाजपा प्रदेश कार्यालय से शुरू होकर कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय तक पहुंची। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद महिलाओं का उत्साह चरम पर था। भाजपा की इस रणनीति को सीधे तौर पर महिला मतदाताओं को गोलबंद करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।