Rajasthan: बाल विवाह में पहुंची पुलिस तो भागा पंडित, हलवाई को मिल गई चेतावनी, मचा हड़कंप

Child Marriage Case: बारां जिले में बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन टीम और सृष्टि सेवा समिति ने प्रशासन व पुलिस के सहयोग से तीन नाबालिग बालिकाओं के विवाह रुकवाए। टीम ने बालिकाओं को मुक्त कर सखी केंद्र बारां में आश्रय दिलवाया। यह कार्रवाई जिले के छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के खजूरिया, खेड़ी जागीर और हरनावदाशाहजी गांव में की गई।

मौके पर पहुंची टीम को बाल विवाह की तैयारियां चलती मिली। मंगलगीत गूंज रहे थे, मेहमान मौजूद थे और डीजे पर लोग थिरक रहे थे। टीम ने तुरंत हस्तक्षेप कर परिजनों को पाबंद किया और बाल विवाह नहीं कराने के संबंध में लिखित आश्वासन लिया। यह कार्रवाई चाइल्ड हेल्प लाइन के जिला समन्वयक मनीष राठौर के नेतृत्व में की गई।

टीम ने परिजनों को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी देते हुए इसके दुष्परिणाम भी समझाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गतिविधि पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बालिकाओं की शिक्षा जारी रखने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवारों को प्रेरित किया।

हलवाई को चेतावनी, भाग छूटा पंडित

चाइल्ड हेल्प लाइन के जिला समन्वयक राठौर ने बताया कि बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राकेश कुमार वर्मा के निर्देश पर टीम छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के खजूरिया, खेड़ी जागीर और हरनावदाशाहजी गांव में पहुंची। वहां प्रशासन के सहयोग से बाल विवाह रुकवाकर बालिकाओं को बाल कल्याण समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश मेहता के समक्ष पेश किया गया। जहां से उन्हें सखी केंद्र में आश्रय देने के आदेश दिए गए।

कार्रवाई के दौरान हलवाई और टेंट संचालकों को भी सख्त चेतावनी दी गई, लेकिन पंडित मौके से फरार हो गया। प्रशासन ने बालिकाओं की 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक विवाह नहीं करने के लिए परिजनों को पाबंद किया। इस दौरान तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर, नायब तहसीलदार राधेश्याम लवंशी, थाना अधिकारी योगेश चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ सख्ती जारी रखने की बात कही।

अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध मामलों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों से भी अपील की गई कि वे ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते रोकथाम हो सके।