झुंझुनूं। जब अपनों का साथ और खुद पर विश्वास हो तो हर सपना हकीकत बन जाता है। झुंझुनूं शहर की बेटी आंचल रूंगटा ने यह साबित करते हुए आरएएस परीक्षा में 90वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार का सपना साकार किया है।
आंचल ने बताया कि उनके दादा चंडी प्रसाद रूंगटा का सपना था कि परिवार का कोई सदस्य प्रशासनिक सेवा में जाए। इसी सपने को उन्होंने अपना लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत की। पिछले तीन वर्षों से वे यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान आरएएस की भर्ती निकली तो उन्होंने परीक्षा देने का निर्णय लिया। आंचल का यह आरएएस में दूसरा प्रयास था।
खास बात यह रही कि इस बार उन्होंने पहली ही बार में मेंस और इंटरव्यू दोनों चरण सफलतापूर्वक पार कर लिए। आंचल की सफलता में उनके पिता रविकांत रूंगटा, माता अनिता रूंगटा सहित पूरे परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पिता ने हमेशा उन्हें दादा के सपने को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। भाई रजत रूंगटा पारिवारिक कपड़ा व्यवसाय संभाल रहे हैं।
कम समय में की प्रभावी तैयारी
आंचल ने बताया कि मेंस परीक्षा की तैयारी के लिए समय कम था, ऐसे में उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रणनीति बनाई। साक्षात्कार के दौरान उससे राजनीति, सामाजिक कुरीतियों और ड्रग्स तस्करी जैसे विषयों पर सवाल पूछे गए।
दूसरे प्रयास में चमकी पायल, आरएएस में 323वीं रैंक
पिलानी कस्बे की गणेश कॉलोनी निवासी पायल जांगिड़ ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा में 323वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दूसरे प्रयास में मिली इस सफलता ने उनके संघर्ष और आत्मविश्वास को साबित कर दिया। पायल इससे पहले वर्ष 2023 की परीक्षा में लिखित चरण उत्तीर्ण कर चुकी थीं, लेकिन साक्षात्कार में सफलता नहीं मिल सकी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते हुए इस बार शानदार सफलता हासिल की।
पायल, विनोद कुमार जांगिड़ की पुत्री तथा जयसिंह जांगिड़ व मणि देवी की पौती हैं। परिवार के सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। पायल ने अपनी स्कूली शिक्षा कस्बे के टैगोर पब्लिक स्कूल से प्राप्त की।
उनका मानना है कि जीवन में आने वाली परेशानियों से घबराने के बजाय उनका डटकर सामना करने से ही सफलता मिलती है। पायल की उपलब्धि पर सत्यवीर जांगीड़ के नेतृत्व में हर्षवर्धन सिंह शेखावत,हरिकिशन जांगिड़, अंजनेश जांगिड़ सहित ने मिठाई बांट कर खुशी मनाई।