जयपुर में ‘सफाई सेवा मैराथन-2026’: एक दिन में 6000 टन कचरा साफ, 9000 कर्मचारी और 1500 गाड़ियां उतरीं मैदान में

जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर ने शनिवार को स्वच्छता का नया इतिहास रच दिया। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा की अगुवाई में आयोजित ‘सफाई सेवा मैराथन-2026’ में महज एक दिन में 6000 टन कचरा साफ कर शहर की तस्वीर बदल दी गई। जयपुर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर कोई स्वच्छता अभियान चलाया गया।

9000 कर्मचारी, 1500 गाड़ियां, 7000 ट्रिप्स
इस महाअभियान में 9 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी सड़क पर उतरे। करीब 1500 वाहनों के जरिए 7000 ट्रिप्स लगाकर कचरे का निस्तारण किया गया। शहर के 60 से अधिक प्रमुख स्थानों पर गहन निरीक्षण हुआ और सैकड़ों ओपन कचरा डिपो साफ किए गए — खासतौर पर वे स्थान जहां नियमित कचरा उठाव नहीं हो पाता था।
आयुक्त ने खुद नापा 200 KM का रूट, 15 KM पैदल चले
आयुक्त
ओम कसेरा सुबह 7 बजे से शाम तक लगातार फील्ड में डटे रहे। उन्होंने करीब 200 किलोमीटर का रूट कवर किया, जिसमें 15 किलोमीटर पैदल निरीक्षण भी शामिल रहा। मालवीय नगर से शुरू होकर रामबाग, एमआई रोड, हवामहल, गोविंद देव जी मंदिर, सांगानेर, मानसरोवर, झोटवाड़ा, विद्याधर नगर समेत शहर के कोने-कोने तक पहुंचे।
सफाई कर्मचारियों से सीधा संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें ‘स्वच्छता योद्धा’ के रूप में सम्मानित किया। आमजन और व्यापारियों से जमीनी फीडबैक भी लिया।

सुरक्षा पर सख्ती, मशीन-टू-मशीन पर जोर
ताल कटोरा पर बिना सुरक्षा उपकरण काम कर रहे कर्मचारियों को देख आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और सख्त निर्देश दिए कि पूर्ण सुरक्षा उपकरणों के साथ ही काम हो। कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर मशीन-टू-मशीन निस्तारण प्रणाली को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
कलक्टर ने की तारीफ, दूसरे निकायों में भी लागू होगा मॉडल
जिला कलक्टर संदेश नायक ने आयुक्त के साथ संयुक्त दौरा किया। RUHS स्थित अन्नपूर्णा रसोई में टीम के साथ दोपहर का भोजन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने इस मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान के अन्य नगर निकायों में भी इसे अपनाने की योजना बनाई जाएगी।