जैसलमेर में तापमान बढ़ा, तप रहा दिन…रातें भी हो रही गर्म

जैसलमेर. सरहदी जिले में गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री रहा। इससे पहले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। दिन के तापमान के साथ रात का तापमान भी बढऩे लगा है। रातों में भी गर्मी का असर बना रहने से लोगों को राहत नहीं मिल रही। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में आवाजाही कम हो रही है और लोग आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

मौसम में इस बदलाव के साथ लू चलने की आशंका भी बढ़ गई है। चिकित्सकों ने तेज धूप में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है, ताकि गर्मी से होने वाली परेशानियों से बचा जा सके।

पोकरण क्षेत्र में गत कुछ दिनोंं से तापमान 41 से 42 डिग्री के पास पहुंच रहा है। भीषण गर्मी व लू के थपेड़ों ने जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। हालात यह है कि दोपहर में मानो आसमान से अंगारों बारिश हो रही है। ऐसे में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। शनिवार को सुबह सूर्य की तेज किरणें निकली। सुबह 9 बजे बाद लू के थपेड़ों का दौर शुरू हो गया। सुबह 11 बजे बाद भीषण गर्मी व लू के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। दोपहर में गर्मी का प्रकोप बढ़ जाने पर आमजन का बेहाल हो गया और मुख्य मार्गों पर चहल पहल कम नजर आई। दोपहर 2 बजे आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई और हल्के बादल छा जाने से गर्मी से कुछ राहत मिली।

एक माह से जलापूर्ति बंद, लोग परेशान

पोकरण ग्राम पंचायत झलारिया क्षेत्र में गत एक माह से जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। झलारिया के हाफिज सिकंदर सहित ग्रामीणों ने बताया कि झलारिया, लालजी की ढाणी, धनाणी मेघवालों की ढाणी, शिवजीरो भीलों की ढाणी, तोगों की ढाणी, रायपालों की ढाणी में गत एक माह से जलापूर्ति पूरी तरह से बंद पड़ी है। भीषण गर्मी के मौसम में पानी की खपत व मांग बढ़ गई है, लेकिन जलापूर्ति नहीं होने के कारण उन्हें महंगे दामों में ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि जलदाय विभाग की ओर से अभावग्रस्त गांवों में टैंकर भी भिजवाए जा रहे है, लेकिन झलारिया क्षेत्र में टैंकर भी नहीं पहुंच रहे है। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके जलदाय विभाग के अधिकारियों की ओर से जलापूर्ति सुचारु करने को लेकर कोई कवायद नहीं की गई है।