चार साल की बेटी को रस्सी से गला घोंटकर मार डाला, फिर अपने दोनों हाथों की नस काट ली

राजगढ़(अलवर). पुराना राजगढ़ गांव में पारिवारिक कलह के चलते एक महिला ने अपनी चार साल की बेटी की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में अपने दोनों हाथों की नसें काट कर आत्महत्या का प्रयास किया। आरोपी महिला को अलवर रेफर किया गया है, जहां वह पूरी तरह होश में है और बातचीत कर रही है। शुक्रवार शाम को वह बेड पर बैठी रही तथा ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ से बार-बार डिस्चार्ज करने की गुजारिश करती रही।राजगढ़ थाना प्रभारी राजेश मीणा ने बताया कि पुराना राजगढ़ गांव में संतोष सैनी की पत्नी शीला (35) अपनी बेटी गरिमा (4) और पुत्र यश (6) के साथ कमरे में सो रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे संतोष के बड़े भाई सूरज ने बच्चों को स्कूल जाने के लिए आवाज लगाई। काफी देर बाद शीला ने दरवाजा खोला, तो शीला के दोनों हाथों से खून बह रहा था। गरिमा के गले पर रस्सी के निशान थे। सूरज अपनी पत्नी रेखा की मदद से गरिमा को राजगढ़ अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने गरिमा को मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में आरोपी महिला के जेठ सूरज सैनी पुत्र पप्पू उर्फ रामफूल सैनी ने राजगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि मामला पारिवारिक कलह का है। आरोपी महिला के बयान दर्ज होने के बाद ही हत्या की असली वजह सामने आ सकेगी।

तीन भाइयों का परिवार एक ही मकान में रहता है

सूरज सैनी ने राजगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया है कि वह अपने भाई नीरज व संतोष के साथ एक ही मकान में रहता है। रिपोर्ट में उसने आरोप लगाया कि उसके छोटे भाई संतोष की पत्नी शीला सैनी ने अपनी बेटी गरिमा की गला दबाकर हत्या की है।—

दादी के पास सो रही थी मासूम, आरोपी मां उसे अपने कमरे में ले गईआरोपी महिला के जेठ सूरज ने थाने में दर्ज कराई एफआइआर में यह भी बताया कि अक्सर दिन में गरिमा अपनी दादी के पास ही रहती थी। गुरुवार रात को भी वह अपनी दादी के पास सो रही थी। रात करीब 10 बजे शीला वहां आई और गरिमा को लेकर अपने कमरे में चली गई। बाद में उसकी हत्या कर दी।

—अलवर में है आरोपी महिला का मायका

सूरज सैनी का कहना है कि उसके छोटे भाई संतोष सैनी की शादी वर्ष 2017 में अलवर निवासी शीला सैनी के साथ हुई थी।———

एलकेजी की छात्रा थी गरिमा, पिता दुकानदारसूरज सैनी ने बताया कि उसकी भतीजी गरिमा का पिछले साल ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत एक निजी स्कूल में नर्सरी में एडमिशन कराया था। अभी वह एलकेजी में थी। गरिमा का भाई यश सैनी भी इसी स्कूल में कक्षा दूसरी में पढ़ता है। गरिमा का पिता संतोष सैनी रेलवे ग्रुप-डी भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा है तथा अस्थायी तौर पर उसकी कस्बे के टहला बायपास पर ट्रैक्टर पर स्पीकर आदि लगाने की दुकान है।