जयपुर। राजस्थान में युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) और राजस्थान सरकार ने मिलकर अगले पांच वर्षों में करीब 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी उद्देश्य से जयपुर में ‘राजस्थान स्टेट–एनएसडीसी सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC) कौशल संवाद’ का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई।
इस वर्कशॉप में अगले पांच साल के स्किलिंग प्लान पर विस्तार से विचार किया गया, जिसमें उद्योगों की मांग, उपलब्ध संसाधनों और संस्थागत क्षमताओं के बीच संतुलन स्थापित करने पर जोर दिया गया। इस पहल का उद्देश्य न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना है, बल्कि उद्यमिता को बढ़ावा देकर राज्य की आर्थिक प्रगति को भी गति देना है। यह रणनीति केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी सहायक साबित होगी।
इन क्षेत्रों में रोजगार की तैयारी
राजस्थान सरकार अब परिणाम-आधारित स्किलिंग मॉडल पर काम कर रही है और मौजूदा प्रशिक्षण संस्थानों को और सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इसके तहत पर्यटन, ग्रीन एनर्जी, जेम्स एंड ज्वेलरी, मैन्युफैक्चरिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
450 करोड़ रुपए खर्च करेगी सरकार
एनएसडीसी ने राज्य के लिए बहुआयामी रणनीति पेश करते हुए जयपुर में विश्वस्तरीय स्किल इंस्टीट्यूट और स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही 10 से 15 सेक्टर-विशेष उत्कृष्टता केंद्र (Centers of Excellence) विकसित किए जाएंगे। यह संस्थान उन्नत प्रशिक्षण देने के साथ-साथ पूरे राज्य के स्किलिंग ढांचे को मार्गदर्शन और निगरानी प्रदान करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 450 करोड़ रुपए का बजट भी निर्धारित किया है।
कौशल विकास विभाग ने क्या कहा?
कौशल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संदीप वर्मा ने कहा कि राज्य का लक्ष्य ऐसी कार्यबल तैयार करना है, जो घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों की जरूरतों को पूरा कर सके। वहीं, एनएसडीसी के सीईओ अरुणकुमार पिल्लई ने बताया कि पीएमकेवीवाई 4.0 और पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं के तहत पहले ही लाखों युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिससे इस अभियान को मजबूत आधार मिला है।
युवाओं को भविष्य के लिए किया जाएगा तैयार
इस रोडमैप में आईटीआई संस्थानों के उन्नयन, सेक्टर-विशेष प्रशिक्षण और स्कूल-कॉलेजों में फ्यूचर स्किल्स प्रोग्राम को शामिल करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।