अलवर. मलमास 14 अप्रेल को खत्म हो जाएगा और 15 अप्रेल से एक बार फिर शुभ व मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। सबसे बड़ा सावा 19 को आखातीज पर है। इस अबूझ सावा पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों शादियां होंगी। इसे लेकर शहर में खरीदारी तेज हो गई है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 19, 20, 21, 26 अप्रेल के बाद मई में पांच, छह, सात, आठ मई को विवाह के मुहूर्त होंगे। इसमें बड़ी संख्या में शादियां होंगी। इसके अलावा गृह प्रवेश, चूड़ाकर्म सहित अनेक मांगलिक कार्य भी होंगे। इस सीजन में शहर की बजाय ग्रामीण क्षेत्रों शादियां ज्यादा होती हैं। गेहूं की कटाई के बाद ग्रामीण एक दो महीने के लिए फ्री रहते हैं, यही वजह है कि इस सीजन में गांवों में ज्यादा शादियां होती है। यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों से लोग खरीदारी के लिए शहर में आ रहे हैं।इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े, वाहनों की खरीदारी हो रही है। सोना-चांदी की खरीदार भी तेज हुई है, हालांकि महंगा होने के कारण लोग हल्की ज्वेलरी खरीदना पसंद कर रहे हैं।
बाल विवाह पर रहेगी प्रशासन की नजर
आखातीज पर बाल विवाह होते हैं। ऐसे में प्रशासन 19 अप्रेल को मुस्तैद नजर आएगा। एसडीएम और एडीएम को निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि किसी भी अबोध का विवाह नहीं हो सके।
शादी वालों की एक ही टेंशन… सिलेंडर कहां से आएगा
गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। घरेलू उपभोक्ता तो कैसे-जैसे जुगाड़ करके सिलेंडर की कमी को पूरा कर रहे हैं, लेकिन शादी वाले घरों में सिलेंडर की टेंशन बनी हुई है। सरकार ने शहरी क्षेत्र में तीन और ग्रामीण क्षेत्रों में दो कमर्शियल सिलेंडर की अनुमति दी है, जबकि 1000 से 1500 लोगों शादी में 15 से ज्यादा सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। ऐसे में टेंशन यही है कि इतने सिलेंडरों का जुगाड़ कैसे होगा। अब तक 210 से ज्यादा आवेदन रसद विभाग को मिल चुके हैं।
वैकल्पिक ईंधन के साधन होंगे प्रयोग
सिलेंडरों की कमी के कारण अब वैकल्पिक ईंधन का प्रयोग बढ़ा रहा है। लकड़ी और कोयला का प्रयोग हो रहा है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी इसका प्रयोग हो रहा था, लेकिन शहरों में यह ईंधन केवल तंदूर में ही काम आ रहा था।