राजस्थान: नायब तहसीलदार बनकर एएनएम को बनाया ‘शिकार’

सिरोही। शिवगंज क्षेत्र में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठग ने नायब तहसीलदार के नाम से बेहद सुनियोजित तरीके से स्वास्थ्य विभाग की एक एएनएम को निशाना बनाकर उसके खाते से करीब 95,970 रुपए निकाल लिए। घटना शुक्रवार की है।

जानकारी के अनुसार सबसे पहले साइबर ठग ने बीसीएमओ डॉ. कौशल ओहरी के मोबाइल पर कॉल कर स्वयं को जिला कलक्टर कार्यालय का कर्मचारी होना बताया। उस समय डॉ. ओहरी मीटिंग में व्यस्त थे, जिस पर ठग ने उनके कार्यालय के बाबू से संपर्क साध लिया।

स्वास्थ्य विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डलवाया

बाबू से ब्लॉक क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी लेने के बाद ठग ने स्वास्थ्य विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप में एक मैसेज डलवाया। इस मैसेज में नायब तहसीलदार अशोक कुमार मीणा के नाम का उपयोग करते हुए सभी एएनएम को उप स्वास्थ्य केंद्रों पर शौचालय निर्माण से संबंधित जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद ठग ने ग्रुप में दिए गए नंबर के माध्यम से एएनएम से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना शुरू किया। इसी दौरान एक एएनएम को शौचालय निर्माण के लिए बजट स्वीकृति और भुगतान भेजने का झांसा दिया गया।

खाते में 10 रुपए ट्रांसफर कर भरोसा जीता

पहले उसके खाते में 10 रुपए ट्रांसफर कर भरोसा जीतने की कोशिश की गई, लेकिन बाद में तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में करीब 95,970 रुपए उसके खाते से निकाल लिए गए।

विभाग में मचा हड़कंप, ठगों से सतर्क रहने की सलाह

घटना के बाद पीड़ित कर्मचारी ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है।