Jaipur Police : अब मनचलों की खैर नहीं, सड़कों पर उतरी ‘महिला PCR’, जानें कैसे मिलेगी तुरंत मदद?

राजस्थान की राजधानी जयपुर में महिला सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक ठोस और प्रभावी कदम उठाया है। रविवार को कमिश्नरेट परिसर से पांच नई ‘महिला पीसीआर वैन’ को रवाना किया गया। हालिया दिनों में शहर में महिलाओं के साथ हुई अभद्रता की घटनाओं को देखते हुए इस पहल को ‘पिंक सिटी’ के सुरक्षा चक्र में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी महिला सुरक्षा को समर्पित 42 पीसीआर वैन को पुलिस मुख्यालय से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया था। ये सभी वैन 24 घंटे महिलाओं की सहायता के लिए कार्य करेंगी तथा अभय कमाण्ड सेंटर से जोड़ी जाएंगी। महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 महिलाओं को उत्पीड़न, शोषण और हिंसा के मामलों में आपातकालीन सहायता प्रदान करती है।

महिला अधिकारियों ने संभाली कमान

महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजीता शर्मा और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रानू शर्मा ने इन विशेष पीसीआर वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह न केवल सुरक्षा का बेड़ा है, बल्कि यह संदेश भी है कि जयपुर की बेटियां अब सड़कों पर खुद को अकेला महसूस नहीं करेंगी।

1090 हेल्पलाइन से कनेक्शन’, मिनटों में मिलेगी मदद

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात एवं प्रशासन) योगेश दाधीच ने इस नई व्यवस्था की कार्यप्रणाली स्पष्ट करते हुए बताया कि ये सभी वैन सीधे पुलिस नियंत्रण कक्ष (Control Room) के सुपरविजन में रहेंगी।

तत्काल एक्शन: जैसे ही 1090 हेल्पलाइन पर कोई शिकायत प्राप्त होगी, कंट्रोल रूम सबसे नजदीकी महिला पीसीआर वैन को लोकेशन साझा करेगा।

त्वरित सहायता: वैन में मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचकर सहायता प्रदान करेंगे, जिससे अपराधियों में खौफ पैदा होगा।

महिला सुरक्षा के प्रति जयपुर पुलिस का एक और कदम

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट से पांच महिला पीसीआर वैन रवाना

1090 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों पर तुरंत पहुंचेगी पीसीआर वैन

दो पारियों में होगा संचालन, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष गश्त

स्कूल, कॉलेज और मॉल्स के आसपास सुरक्षा… pic.twitter.com/L2PTIPWUrX

— सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, राजस्थान सरकार (@DIPRRajasthan) April 12, 2026

स्कूल से लेकर मॉल्स तक पैनी नजर

शहर की बदलती लाइफस्टाइल और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीसीआर का संचालन दो शिफ्टों में किया जाएगा:

पहली पारी: प्रातः 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक (स्कूल-कॉलेज और ऑफिस समय)।

दूसरी पारी: दोपहर 3 बजे से रात्रि 11 बजे तक (बाजार, मॉल्स और शाम की भीड़भाड़ के समय)।

यह विशेष गश्त उन इलाकों में अधिक प्रभावी रहेगी जहाँ महिलाओं की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है। जयपुर के प्रमुख मॉल्स, गर्ल्स कॉलेज और भीड़भाड़ वाले बाजारों में ये वैन नियमित अंतराल पर पेट्रोलिंग करेंगी।

कमिश्नरेट के आला अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) पार्थ शर्मा सहित पुलिस निरीक्षक अनीता एवं सपना और अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) के माध्यम से जयपुर पुलिस महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।

जनता की उम्मीद: क्या थमेगा अपराध?

जयपुर में पिछले कुछ समय में रील बनाने के नाम पर या सरेआम छेड़छाड़ की घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए थे। अब इन महिला पीसीआर वैन के सड़क पर उतरने से यह उम्मीद जगी है कि कानून का डर अपराधियों में फिर से स्थापित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से पीड़िताएं अपनी बात अधिक सहजता से कह पाएंगी और पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम भी काफी कम हो जाएगा।