Weather Update 5 April : मौसम विभाग का ताजा येलो अलर्ट आया है कि आज 5 अप्रेल को 2 घंटे के अंदर भरतपुर जिले और आस-पास के क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश, आकाशीय बिजली होने की संभावना है। इसके साथ ही कहीं-कहीं पर 20-30 KMPH की गति से तेज हवा चलने का अनुमान है। इस बीच मौसम विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि मेघगर्जन के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लें। मौसम सामान्य होने की प्रतीक्षा करें। पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल भी न लें।
शनिवार को मौसम अचानक बदला
पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के अधिकांश शहरों में एक दिन पहले चला आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शनिवार को भी जारी रहा। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार, परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से बीते 24 घंटों में कई क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। शनिवार को जयपुर, सवाईमाधोपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में तेज आंधी और बारिश हुई। इसके अलावा कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई। वहीं, बीकानेर और जोधपुर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा।
बारां. शहर समेत जिले के कई क्षेत्रों में शनिवार दोपहर बाद हुई बारिश के बाद कृषि उपज मंडी में हजारों कट्टे भीग गए : फोटो हंसराज शर्मा
7-8 अप्रैल को फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी है कि दो दिन पश्चिमी विक्षोभ के धीमा पड़ने से मौसम शुष्क रहेगा और पुन: 7-8 अप्रैल को इसके सक्रिय होने से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। इस दौरान जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कई क्षेत्रों में तेज मेघगर्जन, 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी, मध्यम से तेज बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना जताई गई है। 8 अप्रैल को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि शेष अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
सामान्य से छह डिग्री तक कम रहा पारा
एक दिन पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि से दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन के अधिकतम तापमान में छह डिग्री तक गिरावट हुई, वहीं रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उदयपुर में 32MM से ज्यादा बरसात हुई
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में शनिवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान पाली (33.8) और बाड़मेर (33.6) डिग्री दर्ज किया गया। उदयपुर में 32MM से ज्यादा बरसात हुई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ।
क्यों अप्रैल में हो रही है इतनी ज्यादा बरसात?
मौसम विज्ञानियों के अनुसार मार्च-अप्रैल में आमतौर पर इतने ज्यादा विक्षोभ नहीं बनते। इनका असर उत्तर भारत में देखा जाता है। इस बार इनकी स्थिति उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिली भरपूर नमी के कारण जमकर आंधी-बारिश हुई।
आमतौर पर दोपहर बाद होती है आंधी और बारिश
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि विक्षोभ सिस्टम सक्रिय होने के बाद आमतौर पर दोपहर बाद आंधी और बारिश होती है। दिन में बढ़ता तापमान इस सिस्टम को ऊर्जा देता है, इसलिए दोपहर के बाद ही ओले और बारिश का दौर शुरू होता है।