Bhilwara Accident: अजमेर/गुलाबपुरा। भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर रविवार दोपहर को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। चित्तौड़गढ़ के मंडफिया स्थित सांवलिया सेठ मंदिर में दर्शन कर टोंक के लाम्बा हरिसिंह जा रहे परिवार की वैन बेकाबू होकर पुलिया से नीचे जा गिरी। हादसे में पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार के 4 अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वैन के उड़े परखच्चे
पुलिस के अनुसार टोंक जिले के लाम्बा हरिसिंह कस्बा निवासी नौरत जांगिड़ (50) रविवार सुबह सपरिवार चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे। दोपहर में गुलाबपुरा थाना क्षेत्र में एनएच-48 पर विजय गोशाला के सामने उनकी वैन बेकाबू होकर पुलिया से नीचे गिर गई। पुलिया से गिरते ही वैन के परखच्चे उड़ गए।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची गुलाबपुरा थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को बाहर निकाला। सभी को पहले बिजयनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां से अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान नौरत जांगिड़ (50) और उनके पुत्र वैन चालक कालू जांगिड़ (25) को मृत घोषित कर दिया गया।
चार जने हुए घायल
दुर्घटना में इन्द्रा पत्नी ताराचंद जांगिड़, उसकी पुत्री यशश्री उर्फ इशू, कोमल (28) पत्नी रमेश जांगिड़ व गौरव (12) पुत्र श्रवणलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका जेएलएन अस्पताल की आपातकालीन इकाई में उपचार जारी है। हादसे के दौरान परिजनों की गोद में बैठा एक मासूम सुरक्षित बच गया, उसे मामूली खरोंचें आई हैं।
कालू ने नहीं मानी थी भाई की बात. . .
परिवार के बड़े बेटे कमल जांगिड़ की 17 फरवरी को शादी हुई थी। वह बेंगलुरु में नौकरी करता है। शादी के बाद परिवार ने सांवलिया सेठ के दर्शन का कार्यक्रम बनाया। कालू परिचित से वैन मांगकर लाया था। दर्शन के बाद लौटते समय रास्ते में दोनों भाई कालू और कमल के बीच कहासुनी हो गई।
कालू तेज गति से वाहन चला रहा था और कमल उसे बार-बार धीमे चलाने की नसीहत दे रहा था। विवाद के बाद कमल अपनी पत्नी पूजा, उसके दो भाइयों सुशील व राहुल के साथ भीलवाड़ा से पहले उतर कर ट्रेन से अजमेर के लिए रवाना हो गया। कुछ ही देर बाद बिजयनगर पहुंचने पर जीजा रमेश जांगिड़ ने उसे दुर्घटना की सूचना दी। कमल सीधे जेएलएन अस्पताल पहुंचा।
‘काश… मेरी बात मान लेता छोटा’
अस्पताल के बाहर खड़े कमल की आंखों में पछतावा साफ झलक रहा था। उसका कहना था कि उसने कालू को ऑयल ब्रेक वाली वैन को सावधानी से चलाने की सलाह दी, लेकिन उसने बात नहीं मानी। यदि वह समझ जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता।
पुलिस ने प्राथमिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होने से दुर्घटना होना सामने आया है। मामला दर्ज कर लिया गया है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।