जयपुर। राजस्थान में ‘छोटी सरकार’ यानी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। नागौर सांसद और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए अपना मास्टर प्लान साझा किया है। बेनीवाल ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक विशेष टीम गठित की है, जो गुरुवार, 26 फरवरी से उत्तर राजस्थान के दो महत्वपूर्ण जिलों- श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के दौरे पर रहेगी।
बेनीवाल के 5 ‘सेनापति’ जो संभालेंगे मोर्चा
सांसद हनुमान बेनीवाल के निर्देशों पर RLP के 5 सबसे भरोसेमंद चेहरों को चुनावी रण में उतारा गया है:
दिलीप चौधरी: वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री (प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव का संगम)
इंदिरा देवी बावरी: मेड़ता से पूर्व विधायक (क्षेत्रीय प्रभाव और महिला नेतृत्व का चेहरा)
दानाराम घिंटाला: बीकानेर के पूर्व जिला अध्यक्ष (संगठन की गहरी समझ)
विजयपाल बेनीवाल: सक्रिय RLP नेता (युवा जोश और रणनीति)
डॉ. विवेक माचरा: बौद्धिक और युवाओं के बीच लोकप्रिय चेहरा
26 फरवरी से 1 मार्च, ‘गांव-गांव’ संपर्क
यह विशेष टीम 26 फरवरी से 1 मार्च तक लगातार चार दिनों तक दोनों जिलों में डेरा डालेगी।
संगठन विस्तार: पार्टी के पुराने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर ‘बूथ स्तर’ को मजबूत किया जाएगा।
रणनीति: आगामी पंचायती राज और निकाय चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन और प्रचार की रूपरेखा तैयार होगी।
जन-समस्याएं: किसानों की सिंचाई, बिजली और मुआवजे जैसी समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए सरकार के खिलाफ रणनीति बनाई जाएगी।
सांसद की खुद की एंट्री: जनसभाओं से गूंजेगा मरूधरा
इन पांच नेताओं के शुरुआती दौरे के बाद खुद हनुमान बेनीवाल श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के मैदान में उतरेंगे।
युवा-किसान संवाद: बेनीवाल खुद युवाओं और किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को संसद तक उठाने का वादा करेंगे।
विशाल जनसभाएं: दोनों जिलों में कई स्थानों पर सार्वजनिक सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिन्हें ‘RLP की हुंकार’ के तौर पर देखा जा रहा है।
श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ ही शुरुआत क्यों?
हनुमान बेनीवाल जानते हैं कि उत्तरी राजस्थान का यह हिस्सा ‘किसान राजनीति’ का गढ़ है। सिंचाई पानी और एमएसपी (MSP) जैसे मुद्दे यहाँ चुनाव तय करते हैं। RLP का फोकस यहाँ के किसान वोट बैंक में सेंध लगाकर पंचायत चुनाव में अपना दबदबा कायम करना है, ताकि आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए जमीन तैयार की जा सके।
राजस्थान हाई कोर्ट और चुनाव की डेडलाइन
राजस्थान हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसी के चलते सभी दल अब पूरी ताकत झोंक रहे हैं। बेनीवाल की यह सक्रियता दर्शाती है कि वे इस बार ‘किंगमेकर’ नहीं, बल्कि ‘किंग’ बनने की तैयारी में हैं।