अलवर अलवर में दीवान जी के बाग की भूमि का भू-रूपांतरण कैसे किया गया? प्रशासन ने इसकी जांच शुरू करा दी है। राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला के निर्देश पर एडीएम सिटी बीना महावर ने नगर निगम, यूआइटी व तहसील प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।
फंस सकते हैं कई कार्मिक
इस मामले में नगर निगम के दो अधिकारियों समेत कुछ कार्मिक फंसते नजर आ रहे हैं। मास्टर प्लान व जोनल प्लान में अलवर एक क्षेत्र के खसरा संख्या 1254 से 1259 में ग्रीनबेल्ट दर्शाई गई है। यह एरिया दीवान जी का बाग है, जिसके तीन खसरे ग्रीनबेल्ट में हैं। वर्ष 2021-22 में इस बाग की जमीन का भू-रूपांतरण खातेदार की ओर से नगर निगम से करवाया गया। भू-रूपांतरण के कुछ समय के बाद तत्कालीन नगर निगम आयुक्त का तबादला हो गया।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
इनके बाद आए आयुक्त ने इस भू-रूपांतरण को ही आधार मानते हुए लेआउट पास करने से लेकर पट्टे जारी करने का रास्ता साफ कर दिया। इसके बाद इस 9 बीघा जमीन पर प्लॉटिंग हो रही है। एक्सपर्ट के मुताबिक ग्रीनबेल्ट की जमीन का भू रूपांतरण किसी हाल में नहीं किया जा सकता। इस संबंध में एडीएम सिटी का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। वहीं, आयुक्त सोहनसिंह नरूका का कहना है कि इस प्रकरण से जुड़ी फाइलें निकाली जा रही हैं, जल्द ही रिपोर्ट तैयार होगी।