Rajasthan Power Sector: जयपुर. राज्य सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बिजली की औसत खरीद दर में 22 पैसे प्रति यूनिट की कमी की है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार ने विगत दो वर्ष में योजनाबद्ध रूप से प्रदेश के विद्युत तंत्र को मजबूती दी है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार वर्ष-2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री के इस संकल्प की क्रियान्विति के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित 33 केवी के 5 हजार 565 सब स्टेशनों में से 4 हजार 115 सब स्टेशनों में दिन के दो ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति की जा रही है।
नागर मंगलवार को विधान सभा में ऊर्जा विभाग की अनुदान मांग पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। चर्चा के बाद सदन ने ऊर्जा विभाग की 2 खरब 63 अरब 55 करोड़ 58 लाख 41 हजार रूपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दीं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि शेष 1450 सब-स्टेशनों में दिन में विद्युत आपूर्ति के लिए विद्युत तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बिजली की औसत खरीद दर में 22 पैसे प्रति यूनिट की कमी की है।
ऊर्जा मंत्री नागर ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय यह दर 5.07 रुपये प्रति यूनिट थी, जिसे घटाकर अब 4.85 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है। बेहतर प्रबंधन और सुधारों के चलते वित्तीय वर्ष 2023-24 में 17.10 प्रतिशत रही वितरण हानियां घटकर 2024-25 में 14.30 प्रतिशत रह गई हैं। वहीं एटीएंडसी लॉसेज भी 21.81 प्रतिशत से कम होकर 15.27 प्रतिशत पर आ गए हैं। पहले जहां प्रति यूनिट नुकसान हो रहा था, अब 4 पैसे प्रति यूनिट का लाभ दर्ज किया गया है।
प्रसारण तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचे का विस्तार किया है। जहां पिछली सरकार ने पांच साल में 44 ग्रिड सब स्टेशन स्थापित किए थे, वहीं वर्तमान सरकार ने केवल दो वर्षों में 53 नए जीएसएस स्थापित कर दिए। इसके साथ ही 33 केवी के 396 अतिरिक्त सब स्टेशन भी बनाए गए हैं। उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और दो साल में 8413 मेगावाट नई क्षमता जोड़ी गई है, जो पहले की तुलना में दोगुनी है।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 3035 मेगावाट की 1340 विकेन्द्रित सौर परियोजनाएं स्थापित की गई हैं। इससे डिस्कॉम्स को सस्ती दर पर बिजली मिल रही है और लगभग 440 करोड़ रुपये की बचत हुई है। रबी सीजन में 20,600 मेगावाट की रिकॉर्ड मांग के बावजूद निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई। साथ ही वर्चुअल और ग्रुप नेट मीटरिंग लागू होने से अब अपार्टमेंट और ग्रामीण उपभोक्ता भी सौर ऊर्जा का लाभ ले सकेंगे।