PM Gram Sadak Yojana: राजस्थान में यहां पीएम ग्राम सड़क योजना बनी लूट का अखाड़ा, फर्जी बिलों से हो रहा भुगतान

खण्डार/ नायपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना निर्माण कार्य किए ही ठेकेदारों को फर्जी बिल और वाउचर भरकर भुगतान किया जा रहा है।

शिकायतें उपखंड से लेकर जिला अधिकारियों तक और यहां तक कि जयपुर सचिवालय तक पहुंचाई गईं, लेकिन कार्रवाई न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग की है।

राहगीरों को हो रही परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावे करती है, लेकिन क्षेत्र के सार्वजनिक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार की बाढ़ आ गई है। अधूरी सड़कों और निकासी व्यवस्था के अभाव में आए दिन राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

कई बार बच्चे और बुजुर्ग गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों का बजट पास होने के बावजूद धरातल पर काम नहीं हुआ और राशि का दुरुपयोग कर कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर भुगतान कर लिया गया।

अधूरी सुरक्षा दीवारों के चलते टूटी सड़क

जानकारी के अनुसार खण्डार कस्बे में स्टेट हाइवे 123 से लिंक शुक्ला तिराहे से पशु चिकित्सालय तक करीब 30 लाख रुपए से सीसी सड़क बननी थी, लेकिन निर्माण नहीं हुआ।

इसी तरह कुशलपुर गांव में 80 लाख रुपए से दो किलोमीटर सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है। गोठ बिहारी पंचायत में नाले का काम भी अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाई और घरों के सामने पानी भरने लगा। इटावदा गांव की सड़क भी अधूरी सुरक्षा दीवारों के कारण टूट गई।

अधूरे कार्यों को पूरा दिखाकर उठाया बजट

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों ने रिपोर्ट में अधूरे कार्यों को पूरा दिखाकर बजट उठाया है। जब पूछताछ की गई तो अधिकारियों ने संवेदक की राशि काटने और अधूरे काम की रिपोर्ट पेश करने की बात कही, लेकिन मौके पर स्थिति अलग है। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी बिल, वाउचर और प्रमाण पत्र जारी कर विकास के नाम पर लूट का खेल खेला जा रहा है। यदि जांच हुई तो पीडब्ल्यूडी के अभियंता और कर्मचारी जांच के घेरे में आएंगे।

इनका कहना है…

शुक्ला तिराहे से पशु चिकित्सालय तक अधूरी सड़क निर्माण कार्य, गोठबिहारी में पूर्व में बनाए गए नाले व कुशलपुर में अधूरे पड़े निर्माण कार्य की जांच कराई जाएगी।
-गौरव बुडानिया, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, सवाईमाधोपुर।