जयपुर/अजमेर/दिल्ली। राजस्थान के लिहाज़ से 28 फरवरी 2026 का दिन किसी ‘महोत्सव’ से कम नहीं रहेगा। प्रदेश की नज़रें एक साथ तीन जगहों पर टिकी होंगी— दिल्ली का रायसीना रोड, अजमेर की कायड़ विश्राम स्थली और सीकर का खाटू धाम। राजनीतिक गलियारों में जहाँ सत्ता और विपक्ष अपनी ताकत दिखाएंगे, वहीं लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर पर शीश नवाएंगे।
अजमेर में पीएम मोदी का ‘मेगा शो‘
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को अजमेर के कायड़ विश्राम स्थली पहुँच रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निमंत्रण पर आ रहे प्रधानमंत्री यहाँ से पूरे राजस्थान के लिए विकास के द्वार खोलेंगे।
विकास की सौगात: पीएम मोदी प्रदेश को लगभग 23,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का तोहफा देंगे। इसमें बुनियादी ढांचा और सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण शामिल है।
रोज़गार उत्सव: इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी हाईलाइट ‘रोज़गार उत्सव’ होगी, जहाँ प्रधानमंत्री करीब 21,000 युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। यह कदम प्रदेश के बेरोज़गारों के लिए एक बड़ी राहत और ‘विकसित राजस्थान’ की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
दिल्ली में विनोद जाखड़ की ‘ताजपोशी’
अजमेर में जहाँ भाजपा की ताकत दिखेगी, वहीं दिल्ली के 5, रायसीना रोड (NSUI मुख्यालय) पर राजस्थान की छात्र राजनीति का परचम लहराएगा।
राहुल-प्रियंका की मौजूदगी: नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के पदभार ग्रहण समारोह में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे।
दिग्गजों का जमावड़ा: राजस्थान से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा सहित प्रदेश के सैकड़ों वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुँच रहे हैं।
राजस्थान यूनिवर्सिटी से निकले एक साधारण कार्यकर्ता का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च पद संभालना प्रदेश के युवाओं के लिए गौरव की बात है।
खाटू श्याम लक्खी मेले का ‘महा-समापन’
21 फरवरी से शुरू हुए विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम जी लक्खी मेले का 28 फरवरी (फाल्गुन शुक्ल द्वादशी) को आखिरी दिन होगा।
लाखों की भीड़: मेले के अंतिम दिन सीकर के खाटू धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ेगा। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं और VIP दर्शनों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
भक्ति और शक्ति: एक ओर जहाँ सियासत के बड़े केंद्र सक्रिय होंगे, वहीं राजस्थान की आध्यात्मिक ऊर्जा बाबा श्याम के जयकारों से गुंजायमान होगी।
क्यों ऐतिहासिक है यह दिन? (Expert Analysis)
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 28 फरवरी का दिन राजस्थान में ‘युवा वोट बैंक’ को साधने का बड़ा केंद्र बनेगा। एक तरफ सरकार नियुक्ति पत्र देकर युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस एक राजस्थानी युवा को राष्ट्रीय नेतृत्व सौंपकर अपनी जड़ों को मज़बूत कर रही है।