जयपुर. शहर में आबोहवा की जांच का दायरा बढ़ेगा। अब वैशाली नगर, टोंक रोड, आगरा रोड और आमेर क्षेत्र में भी हवा की गुणवत्ता की जांच हो सकेगी। इन क्षेत्रों में नए सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (सीएएक्यूएमएस) केन्द्रों के लिए जगह की एनओसी मिल गई है। इसके साथ ही इनके प्लेटफार्म बनाने का काम शुरू हो गया है। 31 मार्च तक ये केन्द्र तैयार होने हैं।
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने वैशाली नगर में आम्रपाली, टोंक रोड पर नेहरू बालोद्यान, आगरा रोड पर सिल्वन पार्क और आमेर में पीली की तलाई में सीएएक्यूएमएस के लिए जगह तय की थी। लेकिन जेडीए और वन विभाग से एनओसी नहीं आने के कारण मामला अटका हुआ था। अब चारों जगह की एनओसी आ गई है। आमेर में पीली की तलाई स्थित पार्क में केन्द्र का काम पहले ही शुरू हो चुका है, यहां फाउंडेशन तैयार है।
काम 31 मार्च तक पूरा करना
वहीं आम्रपाली और नेहरू बालोद्यान में भी फाउंडेशन बन चुका है, सिर्फ सिल्वन पार्क में फाउंडेशन बनना बाकी है। इसके बाद सुरक्षा कैबिन लगाए जाएंगे, जो दिल्ली में तैयार हो रहे हैं। कैबिन आने के बाद उनमें मशीनें लगाई जाएंगी। मंडल को यह काम 31 मार्च तक पूरा करना है। इसके लिए संबंधित कंपनी को मार्च तक का समय दिया गया है। ऐसे में अप्रेल से शहर में वायु गुणवत्ता जांच का दायरा और बढ़ जाएगा।
10 जगहों से होगी हवा की जांच
4 नए केन्द्र बनते ही शहर में वायु गुणवत्ता जांच केन्द्रों की संख्या 10 हो जाएगी। हर क्षेत्र के प्रदूषण की सटीक जानकारी मिल सकेगी। अभी शहर में 6 जगहों-एमआइ रोड, शास्त्री नगर, आदर्श नगर, मानसरोवर, विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज एरिया और सीतापुरा में सीएएक्यूएमएस बने हुए हैं। इनकी संख्या बढ़ने से जांच का दायरा बढ़ जाएगा, जिससे प्रदूषण कम करने के उपाय और सटीक हो सकेंगे।
एनओसी आ गई
सीएएक्यूएमएस के लिए चारों जगह की एनओसी आ गई है। इन जगहों पर काम भी शुरू हो गया है।
-कपिल चंद्रावल, सदस्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण मंडल