दुर्ग के चारों तरफ रिंग रोड पर गोल्फ कार्ट सुविधा का आगाज

जैसलमेर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक अब विश्वप्रसिद्ध सोनार दुर्ग के चारों तरफ का नजारा शोर और प्रदूषण से रहित गोल्फ कार्ट में बैठकर कर सकेंगे। शिव मार्ग के अंतिम छोर से इस सेवा का रविवार को आगाज किया गया। अनौपचारिक कार्यक्रम के बाद जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी और जिला कलक्टर प्रताप सिंह ने हरी झंडी दिखा कर गोल्फ कार्ट को रवाना किया। किले के चारों तरफ ध्वनि और वायु प्रदूषण व यातायात में सुधार के लिए इसे नगरपरिषद का एक और नवाचार माना जा रहा है। शुरुआत में संबंधित ठेकेदार कम्पनी की तरफ से 10 गोल्फ कार्ट लगाई गई है, आने वाले समय में जरूरत बढऩे पर इनकी संख्या को 40 या उससे भी ज्यादा किया जा सकेगा। गौरतलब है कि जिस तरह से गड़ीसर सरोवर में नगरपरिषद की तरफ से नौकायन का ठेका किया गया है, उसी तर्ज पर गोल्फ कार्ट की व्यवस्था की गई है। नगरपरिषद आयुक्त लजपालसिंह सोढ़ा ने बताया कि गोल्फ कार्ट का संचालन किए जाने से नगरपरिषद को 5 लाख रुपए की सालाना आय होगी।

10 की जगह 30 रुपए का किराया

वैसे नगरपरिषद की तरफ से जब गोल्फ कार्ट संचालन की निविदा जारी की गई थी, तब इसमें बैठने वाले प्रत्येक व्यक्ति से 10 रुपए किराया निर्धारित करने की बात कही गई थी। हालांकि रविवार को आयुक्त की ओर से बताया गया कि पर्यटक या कोई भी स्थानीय व्यक्ति 30 रुपए में कार्ट से आवाजाही कर सकेगा। यानी जो व्यक्ति शिव मार्ग स्थित टिकट काउंटर से इस इलेक्ट्रोनिक रिक्शे में बैठेगा, वह 30 रुपए में वापस वहां तक आ सकेगा। यह कार्ट वर्तमान में दुर्ग के अखे प्रोल या ङ्क्षरग रोड के किसी भी स्थान तक सवारी को छोड़ेगा। गोल्फ कार्ट से नीरज चौराहा से सवारियों को दुर्ग की अखे प्रोल और पूरे दुर्ग के चारों तरफ की रिंग रोड में कहीं भी ले जाने की व्यवस्था हो सकेगी। आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में गोल्फ कार्ट के साथ सामान्य तिपहिया वाहन भी चलाई जा रही है। आने वाले समय में इस विषय में अग्रिम विचार किया जाएगा। वैसे, रविवार को कई टैक्सी वालों ने इसे अपने रोजगार पर प्रहार बताते हुए आशंका जताई थी कि उन्हें टैक्सी चलाने से रोका जाएगा।

गोल्फ कार्ट की ये हैं खूबियां

इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट रिचार्जेबल बैटरी पर चलती हैं, जिससे प्रदूषण नहीं होता।

आवासीय और पर्यटन क्षेत्रों में शोर कम करती हैं।

छोटे आकार और आसान संचालन के कारण तंग रास्तों पर भी सुगम आवागमन।

15-35 मील प्रति घंटा की नियंत्रित गति, जिससे पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित।

सैलानियों को मिलेगा सुकून

जैसलमेर का सोनार दुर्ग विश्व विरासत है। यहां घूमने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी सैलानी पहुंचते हैं। उनकी सुविधा के लिए रिंग रोड पर गोल्फ कार्ट का संचालन किए जाने की योजना बनाई गई है। इससे उन्हें निश्चित रूप से सुकून मिलेगा।

लजपाल सिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगर परिषद जैसलमेर